धमतरी

क्या 1 जुलाई से स्कूलों में बंद होगा मध्यान्ह भोजन? छत्तीसगढ़ के रसोइयों ने दिया अल्टीमेटम, जानें वजह

Midday meal cooks strike: रसोइया कल्याण संयुक्त संघ ने लंबित मांगों को लेकर सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 1 जुलाई 2026 से सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाना बंद कर दिया जाएगा।

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Jun 15, 2026
Chhattisgarh cooks protest 2026
स्कूलों में बंद होगा मध्यान्ह भोजन! (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Dhamtari Cook Union Protest: छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले मध्यान्ह भोजन योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोइया कल्याण संयुक्त संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार को अल्टीमेटम दिया है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 1 जुलाई 2026 से सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाना बंद कर दिया जाएगा। रसोइयों का आरोप है कि वर्षों से अल्प मानदेय पर काम करने के बावजूद उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

धमतरी में बैठक कर बनाई रणनीति

रविवार को धमतरी के गांधी मैदान में आयोजित बैठक में जिलेभर से पहुंचे रसोइया कर्मियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर रणनीति बनाई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत रसोइया कर्मियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

1 जुलाई से भोजन बंद करने की चेतावनी

संघ का कहना है कि यदि लंबित मांगों पर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो 1 जुलाई 2026 से शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाना बंद कर दिया जाएगा। संघ के संरक्षक हीराचंद यादव, प्रदेश अध्यक्ष राजराज कश्यप एवं मेघराज कोशल ने कहा कि वर्ष 1995 से सेवाएं दे रहे रसोइया कर्मियों को आज तक स्थायित्व और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय स्तर के निर्णयों के कारण वर्षों से कार्यरत रसोइयों को हटाया जा रहा है। वहीं छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर भी कर्मियों को सेवामुक्त किया जा रहा है। बैठक में रसोइया कर्मियों ने बताया कि हर वर्ष 16 जून से स्कूल खुलने के बावजूद 16 से 30 जून तक की अवधि का मानदेय नहीं दिया जाता।

रसोइयों की प्रमुख मांगें

संघ ने सरकार से कलेक्टर दर पर मानदेय, अंशकालिक से पूर्णकालिक दर्जा, सेवा सुरक्षा तथा अन्य लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। बैठक में नमिता पटेल, ईश्वरी नेताम, श्यालाल मरकाम, चंद्रवती, रेखा, लीलाराम, यशवंत यादव, देवकी बाई, चंद्रिका नेताम समेत बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

Published on:
15 Jun 2026 02:03 pm