धमतरी

छत्तीसगढ़ के इस गांव में शराब बेचने पर 20 हजार रुपए का दंड, पीने से लेकर जुआ खेलने तक पर लगेगा जुर्माना

Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नशे और जुए के खिलाफ ग्रामीणों ने अनोखी पहल शुरू की है। सिर्री गांव को नशामुक्त और आदर्श गांव बनाने के लिए ग्रामीणों ने शराब, गांजा और नशीली दवाओं की बिक्री से लेकर सेवन और जुआ खेलने तक पर अर्थदंड लगाने का फैसला किया है।
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Sep 14, 2026
Chhattisgarh News
शराब-जुआ पर ग्रामीणों की सख्ती (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News:धमतरी जिले के सिर्री गांव में बढ़ते नशे और जुए के खिलाफ अब ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उपतहसील सिर्री को नशामुक्त और आदर्श गांव बनाने के लिए ग्राम पंचायत, ग्राम विकास समिति और श्रीराम हिंदू युवा संगठन ने मिलकर ग्रामीण स्तर पर अर्थदंड का प्रस्ताव पारित किया है। इसका असर भी अब दिखाई देने लगा है। गांव में अवैध शराब बेचने और खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ ग्रामीणों ने बैठक कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव के हृदयस्थल बाजार चौक में कोटवार के माध्यम से मुनादी कर ग्रामीणों को इस निर्णय की जानकारी दी गई।

तय किया गया है कि गांव में कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब, गांजा या नशीली दवाओं की बिक्री करते पाया गया तो उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। वहीं चौक-चौराहों, खेल मैदानों और स्कूल परिसर में शराब, गांजा या नशीली दवाओं का सेवन करते पकड़े जाने पर 1 हजार रुपए का अर्थदंड देना होगा। सामूहिक रूप से जुआ खेलते पकड़े जाने पर भी 1 हजार रुपए के अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीली दवाओं की बिक्री बढ़ गई थी।

नशे में लोग चौक-चौराहों पर गाली-गलौज और विवाद करते थे। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा था और युवा वर्ग पर भी इसका असर पड़ रहा था। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने बैठक कर सामूहिक रूप से यह सख्त निर्णय लिया।

अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा

नशे के खिलाफ सिर्री के ग्रामीणों ने प्रेरक पहल की है। अर्थदंड के प्रावधान का असर गांव के माहौल पर भी दिखाई देने लगा है। पहले गांव में ही शराब की बिक्री और खुलेआम शराब पीने की घटनाएं सामने आती थीं। अब इस पर रोक लगाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा सामाजिक बुराई ताश-पत्ती (जुआ) खेलने वालों पर भी अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इससे युवा वर्ग में नशे और जुए से दूर रहने की जागरूकता बढ़ेगी और उन्हें जीवन की मुख्यधारा से भटकने से बचाने में मदद मिलेगी। सिर्री के इस प्रयास की आसपास के लोग भी प्रशंसा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को ऐसी पंचायतों को प्रोत्साहित और सम्मानित करना चाहिए, ताकि अन्य गांव भी सिर्री की राह पर चलें और अपने गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाएं।

नशामुक्त गांव बनाने में सभी का मिल रहा सहयोग

सरपंच देशांत सिन्हा, ग्राम पटेल सालिकराम साहू, ग्रामीण अध्यक्ष डीहू तारक, ग्रामीण सचिव कलीराम ध्रुव, श्रीराम हिंदू संगठन के अध्यक्ष राधेरमन साहू और अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर यह पहल शुरू की गई है। इसमें पुरुषों के साथ महिलाएं, युवा और युवतियां भी सहयोग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल कार्रवाई की मांग करने के बजाय गांव स्तर पर सामाजिक जिम्मेदारी तय करने की जरूरत थी। इसी सोच के साथ अर्थदंड का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयास से सिर्री में नशे और जुए पर प्रभावी रोक लगेगी और गांव को आदर्श गांव बनाने की दिशा में यह पहल आगे बढ़ेगी।

Updated on:
14 Sept 2026 03:39 pm
Published on:
14 Sept 2026 03:39 pm