
Dhar Bhojshala Friday Namaz- धार की भोजशाला परिसर से जुड़े संवेदनशील प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार 31 जुलाई को भी नमाज को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। अब भोजशाला परिसर के पीछे खसरा नंबर 612 की जमीन पर सांकेतिक नमाज होगी। इस वक्त जमीन की सफाई चल रही है, भारी पुलिस बल तैनात है।
अदालत के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच भोजशाला की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 यानी मालीवाड़ा की जमीन पर सहमति बनी थी, लेकिन 611 जमीन पर नमाज की जानकारी लगते ही स्थानीय निवासी धरने पर बैठ गए थे। वहां के लोगों ने इसे अपनी निजी जमीन बताते हुए धरना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि इस जमीन पर पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं। इसे देखते हुए एक बार फिर प्रशासन अलर्ट हो गया है। टकराव की स्थिति की आशंका को देख भारी पुलिस बल तैनात हो गया। इसके बाद खसरा नंबर 612 की जमीन पर रजामंदी से नमाज शुरू हो रही है। मुस्लिम पक्ष ने भी यहां कम वक्त होने और बारिश के चलते सांकेतिक नमाज पढ़ने को कहा है।
ऐतिहासिक भोजशाला परिसर से जुड़े मामले में शुक्रवार 31 जुलाई को भी संशय की स्थिति बनी हुई थी। पिछले दो शुक्रवार को नमाज नहीं हो पाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने धार की भोजशाला परिसर को मंदिर माना था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने के लिए अन्य स्तान पर जमीन देने को कहा गया था। प्रशासन ने भोजशाला परिसर से एक किलोमीटर दूर जमीन चिन्हित की थी, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने उसे लेने से इनकार कर दिया। इसे लेकर पिछले दो शुक्रवार से मुस्लिम पक्ष ने कहीं भी नमाज नहीं पढ़ी। गुरुवार को कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की मांग पर सुनवाई करते हुए भोजशाला के पास जमीन देने को कहा है। अब 31 जुलाई को एक बार फिर शुक्रवार है और नमाज का वक्त चल रहा है।
गुरुवार देर रात को प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने कहा था कि जहां नमाज की व्यवस्था की जा रही है वह जमीन गीली है। ऐसे में स्थल की वास्तविक स्थिति देखने और प्रशासन की व्यवस्थाओं की जानकारी मिलने के बाद ही मुस्लिम पक्ष अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आया है और वे इसे अपनी जीत मानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अब 5 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई की तैयारी की जा रही है और उन्हें न्यायालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट की अंतरित व्यवस्था के बाद भी भोजशाला परिसर के पास जुमे की नमाज को लेकर शुक्रवार को सुबह से ही संशय बना हुआ है। दरगाह परिसर से सटी जमीन के पास के खेत मालिकों ने इसका विरोध किया है। माली समाज की महिलाएं सांकेतिक विरोध में उतर आई हैं। प्रशासन के अफसर नए निर्धारित स्थल पर मौजूद हैं। फिलहाल सभी पक्षों में चर्चा कर समाधान तलाशने का प्रयास जारी है। शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज का वक्त निर्धारित है। बारिश के चलते पहले व दूसरे सर्वे क्रमांक की जमीनों पर जलभराव, पास की खेती की जमीन को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।