
धार में वराह मार्च से पहले हिंदू नेता गिरफ्तार : फोटो सोर्स : image credit patrika
Varaha March Dhar : धार शहर में मंगलवार को निकालने वाले वराह मार्च रैली से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिना अनुमति होने वाली संयोजन से पूर्व पुलिस द्वारा हिंदू संगठनों के नेताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। सुबह धार, धामनोद और अन्य स्थानों पर पुलिस टीम द्वारा हिंदू नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। हिंदू नेताओं के घर पहुंच कर पुलिस अभिरक्षा में लिया। अभी तक करीब 15 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। सभी लोगों को थाने लाया गया है।
जानकारी के अनुसार हिंदू नेता आशीष बसु, विकास जाट, लोकेश यादव ,सत्य नारायण रघुवंशी, संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम पिता मधुकर राव, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले पिता हेमंत सितोले, दीपक उर्फ रोहित सांठे, सत्यम पिता सुखराम पटेल निवासी डहिवर रोड धामनोद को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
धार में अभी तक करीब डेढ दर्जन हिंदू नेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी को धारा 172 के तहत 24 घंटे हिरासत में रखा जाएगा। पूरे शहर में जबर्दस्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों का फोर्स तैनात किया गया है।
हिंदू संगठनों के रैली निकालने की आशंका में पुलिस को अलर्ट किया गया है। इंदौर नाके पर सख्त चैकिंग की जा रही है।
धार में मंगलवार को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर प्रशासन और सनातन प्रहरी संस्था आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन द्वारा आयोजन की अनुमति पहले ही निरस्त किए जाने के बावजूद संस्था के पदाधिकारियों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली निकालने की बात दोहराई है। संस्था का दावा है कि जिलेभर से 14,300 लोगों ने पंजीयन कराया है और बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल होंगे।
दूसरी ओर, कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रमुख स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों के साथ पुलिस बल तैनात करने की तैयारी है। सोमवार को देर शाम पुरातत्व विभाग ने भी संरक्षित स्मारक को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने का संदेश जारी कर स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।
सनातन प्रहरी संस्था पदाधिकारी अंशुल शर्मा ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वराह मार्च निकाला जाएगा। उनका कहना है कि मार्च का उद्देश्य विजय कीर्ति मंदिर पहुंचकर वहां प्राचीन स्तंभ पर उकेरी गई वराह देवता की प्रतिमा के दर्शन करना है। संस्था ने कहा है कि मार्च के दौरान न पूजा- अर्चना होगी और न ही कोई अनुष्ठान किया जाएगा।
संस्था के अनुसार वराह मार्च मंगलवार दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज ग्राउंड से शुरू होगा। प्रस्तावित रूट घोड़ा चौपाटी, नौगांव झंडा चौक, हटवाड़ा, आनंद चौपाटी, धानमंडी, भाजी बाजार और पौ-चौपाटी होते हुए विजय कीर्ति मंदिर तक रहेगा। करीब चार किलोमीटर का सफर बाइक से तय करने की योजना है। संस्था पदाधिकारियों ने लोगों से मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।
वराह मार्च को लेकर बन रही स्थिति के बीच देर शाम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया। इसमें गंजीखाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित स्मारक को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने की सूचना दी गई है। पोस्टर में स्मारक का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है। एएसआइ ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या अन्य कोई कानून का उल्लंघन करते हुए संरक्षित इमारत में प्रवेश करता है तो संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन नजर बनाए हुए है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों और पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से कानून का उल्लंघन होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धार की भोजशाला जैसा ही यह एक और मामला है। शहर की लाट मस्जिद पर हिंदू अपना अधिकार जता रहे हैं। अभी यह पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित इमारत है। इसे हिंदू समाज द्वारा विजय मंदिर बताया जा रहा है। इसके लिए वराह मार्च निकालने का आह्वान किया गया था।
Updated on:
15 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
15 Sept 2026 12:36 pm
