
Dhar News :मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर अब 29 अक्टूबर को सुनवाई होगी। सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड को जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिविल अपील संख्या 9326/2026 में 20 अगस्त को जारी प्रक्रियात्मक आदेश में कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्धारित समय में जवाब और प्रतिउत्तर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को हाईकोर्ट से भोजशाला मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तत्काल तलब करने को कहा है। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की रिपोर्ट के साथ रंगीन मानचित्र और रेखाचित्र भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान ये दस्तावेज मामले के तथ्यों और पूर्व में हुई कार्रवाई को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए जवाब दाखिल करने की समयसीमा भी तय कर दी है। आदेश के अनुसार विपक्षी पक्ष को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद यदि अपीलकर्ता को जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करना है तो उसे इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। 20 अगस्त का यह आदेश कोर्ट अधिकारी बबीता पांडे, सहायक रजिस्ट्रार और प्रीति ससेना, कोर्ट मास्टर के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। जवाब और प्रतिउत्तर के लिए समय तय होने के बाद अब अगली सुनवाई की तैयारी दोनों पक्षों की ओर से की जाएगी।
याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में भोजशाला से संबंधित रिकॉर्ड तत्काल मंगाया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान तैयार और प्रस्तुत दस्तावेज, एएसआइ रिपोर्ट, रंगीन नशे, रेखाचित्र भी शामिल होंगे। इससे अब सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई के दौरान मामले का मूल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। 29 अक्टूबर की सुनवाई से पहले रिकॉर्ड मंगाने और पक्षकारों की प्रक्रिया पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया है।
अगली सुनवाई अक्टूबर के अंतिम दिनों में तय होने से अब इस अवधि के दौरान मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी। पक्षकारों को जवाब दाखिल करने को तय समय और हाईकोर्ट का रिकॉर्ड सुप्रीम कोर्ट में उपलब्ध होने के बाद 29 अक्टूबर की सुनवाई में आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि, सुनवाई में अंतिम निर्णय होगा या नहीं, लेकिन प्रक्रियात्मक रूप से कोर्ट ने मामले को आगे बढ़ाने की तैयारी जरूर तेज कर दी है।