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धार भोजशाला में पूजा का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 22 जनवरी को होगी सुनवाई

Dhar- भोजशाला में वसंत पंचमी पर केवल हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति देने की मांग
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Jan 20, 2026
dhar bhojshala
dhar bhojshala (Photo Source - Patrika)

Dhar- मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला में पूजा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बसंत-पंचमी पर दिनभर पूजा की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई गई है। हिंदू पक्ष ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका लगाई। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी। भोजशाला में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन उत्सव आयोजित किया गया जाता है। इस दिन शुक्रवार होने से यहां नमाज भी होगी जिसके चलते दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। इस माहौल को देखते हुए धार और भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू सरस्वती पूजा करते हैं जबकि शुक्रवार को यहां मुस्लिमों को नमाज की भी इजाजत है। इस बार वसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है जिससे दोनों पक्षों में विवाद पैदा हो गया है।

हिंदू पक्ष वसंत पंचमी को पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांग रहा है। अब इसके लिए देश की शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से मंगलवार को याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है। हरिशंकर जैन के सहयोग से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर की है।

भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की

याचिका में कहा गया है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी है। इस दिन भोजशाला में परंपरागत रूप से सरस्वती पूजा की जाती है। यहां वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन के लिए केवल हिंदू समाज को ही अनुमति दी जाए। दिनभर पूजा ही चले। याचिका में शुक्रवार के दिन भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। याचिका पर कार्यक्रम के एक दिन पहले यानि 22 जनवारी को सुनवाई की जाएगी।

Updated on:
20 Jan 2026 08:36 pm
Published on:
20 Jan 2026 08:34 pm