
Kailash Vijayvargiya - दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सीजेपी (काकरोच जनता पार्टी) के बैनर तले हजारों विद्यार्थी कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे जिसके दबाव में शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना पड़ा। जेन जीत के इस माहौल में धार जिले के प्रभारी और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कड़वे बोल सामने आए हैं। धार में वे बोले कि सीजेपी के आंदोलन से देश को फर्क नहीं पड़ेगा, विपक्ष को जरूर कुछ ऑक्सीजन मिल गई है। कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्रधान पहले ही त्यागपत्र दे रहे थे पर पार्टी ने मना कर दिया।
जंतर मंतर आंदोलन में जेन जीत वाली बात से बीजेपी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इत्तेफाक नहीं रखते। शनिवार को धार प्रवास के दौरान अमझेरा में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे आंदोलन से कोई फर्क नहीं पड़ता, भारत 140 करोड़ लोगों का देश है, बांग्लादेश या नेपाल नहीं है, जिससे किसी तरह का नुकसान हो।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कहीं ज्यादा बरसात हो जाती है, तो कहीं बाढ़ आ जाती है, तो क्या फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल की हार से निराश होने वालों को थोड़ी ऑक्सीजन जरूर मिल गई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले-पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद जो लोग निराश हो गए थे, उन्हें सीजेपी के पीछे खड़े होकर थोड़ी ऑक्सीजन मिल गई। मोदी सरकार के दूरगामी फैसलों से तीन दिन में विपक्ष के मंसूबों पर पानी फिर गया।
प्रदेश के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि धमेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के लिए बहुत पहले से तैयार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें रोका दिया था। सोनम वांगचुक ने कहा था कि तभी अनशन तोडूंगा जब धर्मेंद्र का इस्तीफा होगा। पार्टी के निर्णय के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।
प्रभारी मंत्री ने धार की गंधवानी विधानसभा में नवनिर्मित टांडा रोड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर-छोटा उदयपुर रेल परियोजना के तहत बना यह रेलवे स्टेशन क्षेत्रवासियों के लिए अनुपम सौगात है।