
MP News: बारिश थमने के बाद अब मौसमी बीमारियों का अटैक बढ़ गया है, जिसके चलते लोग बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं और बुजुर्गों की भीड़ जिला अस्पताल में इलाज के लिए लग रही है। तीन दिन में ओपीडी में 3800 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बीते दिन भी खासी भीड़ लगी रही। सर्दी-खांसी के साथ वायरल फीवर, गले में खराश की शिकायत लेकर अधिकांश मरीज आ रहे हैं।
चिकगुनिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों भी पहुंच रहे हैं, जिनका इलाज डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर भी मरीजों की कतार लग रही है। अगस्त में 20 से 25 दिन लगातार बारिश, बादल होने से तापमान कम था, वहीं पिछले चार दिनों से धूप निकलने से मौसम एकदम बदल गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। खान-पानी और मच्छरों की रोकथाम से बीमार होने से बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल में मरीजों का फ्लो इतना है कि एक डॉक्टर को दिनभर में 80 से 100 मरीज देखने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी कोई न कोई मरीज केबिन के बाहर इंतजार करते देखा जा सकता है। सामान्य ओपीडी के अलावा मेल-फीमेल जनरल वार्ड और बच्चों के वार्ड भी में सारे पलंग भरे पड़े हैं। यही स्थिति प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिकों के बाहर भी देखी जा सकती है।
इन दिनों बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। तीन से 14 साल के बीच वाले बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द और अन्य समस्या आ रही है। वायरल भी एक तरह का संक्रमण है, जो एक-दूसरे के संपर्क में आने से होता है। बाहरी चीजों के खाने से परहेज रखना आवश्यक है।
-बाहर का तला-गला खाने से बचें
-पीने में साफ पानी का इस्तेमाल करें
-घरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
-मच्छरों की रोकथाम के लिए सुबह-शाम को धुआं करें।
-बीमार होने पर डॉक्टरों से संपर्क करें।