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धार की बेटी ज्योति चौहान का कमाल, इजराइल के क्लब से खेलने वाली पहली भारतीय महिला फुटबॉलर बनीं ज्योति

Jyoti Chauhan Dhar: धार की बेटी और भारतीय महिला फुटबॉल टीम की स्ट्राइकर ज्योति चौहान ने नया इतिहास रच दिया है। इजराइल के क्लब नॉट नेतन्या से जुड़ने वाली वह पहली भारतीय महिला फुटबॉलर बनी हैं। आर्थिक संघर्षों के बावजूद उन्होंने अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पहचान बनाई है।
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धार

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Anurag Animesh

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Updated: 20 Jun 2026, 2:36 AM IST

footballer Jyoti Chauhan

फुटबॉलर ज्योति चौहान(फोटो-X/@IFTWC)

Footballer Jyoti Chauhan: मध्यप्रदेश की माटी ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने वाली प्रतिभा दी है। धार जिले के सरदारपुर की बेटी और भारतीय महिला फुटबॉल टीम की स्ट्राइकर ज्योति चौहान अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के बड़े मंच पर इतिहास रचने जा रही हैं। इजराइल के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब 'नॉट नेतन्या' ने उन्हें अपने साथ अनुबंधित किया है। इसके साथ ही ज्योति किसी इजराइली क्लब से जुडऩे वाली भारत की पहली महिला फुटबॉलर बन गई हैं। ज्योति की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में घाना की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व उपकप्तान एलशद्दाई अचेम्पोंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत में खेल के दौरान उन्होंने ज्योति की गति, तकनीक और आक्रामक खेल शैली को करीब से देखा। वे उनके प्रदर्शन से इतनी प्रभावित हुईं कि इजराइली क्लब प्रबंधन के समक्ष ज्योति को अनुबंधित करने का प्रस्ताव रखा। ज्योति इससे पहले क्रोएशिया के प्रसिद्ध क्लब डायनामो जाग्रेब से भी खेल चुकी हैं। वहां उन्होंने जेडएनके एग्राम के खिलाफ हैट्रिक लगाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

संघर्ष के बीच सपनों की तैयारी


अंतरराष्ट्रीय लीग में खेलने का अवसर मिलने के बाद ज्योति इन दिनों नोएडा स्थित पीओबी सेंटर में विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। इजराइल की प्रतिस्पर्धी फुटबॉल लीग के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। 15 जुलाई को वे इजराइल के लिए रवाना होंगी और पूरे सीजन में क्लब का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस उपलब्धि के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी भी है। खास बात यह है कि उन्हें किसी स्तर पर आर्थिक सहायता नहीं मिली। प्रशिक्षण केंद्र की एक माह की फीस ही 50 हजार रुपए है, जिसे वह बड़ी मुश्किल से किस्तों में जमा कर पा रही हैं। इसके बावजूद आर्थिक चुनौतियां उनके हौसलों को नहीं रोक सकीं।

गांव से ग्लोबल मंच तक का प्रेरक सफर


मूल रूप से सरदारपुर की रहने वाली ज्योति चौहान ने अपनी मेहनत और समर्पण के दम पर भारतीय महिला फुटबॉल टीम में स्ट्राइकर के रूप में मजबूत पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्लब से जुडऩे के बाद भी वे अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं। हाल ही में वे झाबुआ में आयोजित राष्ट्रीय महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने भी पहुंची थीं।