
Plastic surgery performed in Indore on Hitanshi Jat from Dhar
Hitanshi Jat- धार की हितांशी जाट की प्लास्टिक सर्जरी की गई है। इससे उसका चेहरा सुधर गया है। इसी के साथ 3 साल की मासूम बच्ची की मुस्कान भी फिर लौट आई है। चार दिन पहले तक हितांशी का चेहरा देखकर परिवार की सारी थकान पलभर में दूर हो जाती थी, लेकिन एक आवारा कुत्ते के हमले ने इस मासूम की जिंदगी और परिवार की खुशियां एक झटके में बदल दीं। चेहरे पर गंभीर चोटों के साथ इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती हितांशी का उपचार तो डॉक्टर कर रहे हैं, लेकिन इस कठिन समय में परिवार को सबसे बड़ी चिंता इलाज के खर्च की थी। ऐसे में जब 'पत्रिका' ने पीडि़त परिवार की पीड़ा और आर्थिक संघर्ष को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो समाज और प्रशासन की संवेदनाएं भी जाग उठीं। जिला प्रशासन ने आगे बढ़कर भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेडक्रॉस से तत्काल एक लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की।
ग्राम बांग्ला बिल्लौद में रविवार शाम हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, लेकिन इस दुखद घटना के बीच यह भी साबित हुआ कि जब समाज, प्रशासन और संवेदनशील लोग साथ खड़े होते हैं तो मुश्किल से मुश्किल समय में भी उम्मीद की किरण दिखाई देने लगती है। हितांशी की जिंदगी की लड़ाई अभी जारी है, लेकिन अब उसके साथ सिर्फ उसका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासन और समाज खड़ा नजर आ रहा है।
हितांशी के उपचार में धार से लेकर इंदौर तक के चिकित्सकों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। परिवार के अनुसार धार के डॉ. मयंक महाजन, डॉ. सजन महाजन और डॉ. उत्कृष्ट मोरे ने बिना फीस लिए समय पर उपचार किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन के डॉ. एमएम महाजन ने आइसीयू और ड्रेङ्क्षसग चार्ज नहीं लेकर परिवार का आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास किया।
बुधवार को पीथमपुर तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव इंदौर स्थित अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने हितांशी का हालचाल जानने के साथ जिला प्रशासन की ओर से एक लाख रुपए का चेक परिवार को सौंपा। उन्होंने परिजनों से कहा कि इस कठिन घड़ी में प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है और उपचार के दौरान भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर ने भी फोन पर परिवार से चर्चा कर मासूम हितांशी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। आर्थिक सहायता मिलने के बाद परिवार के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी।
डॉक्टरों द्वारा की गई प्लास्टिक सर्जरी के बाद हितांशी के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। यही सबसे बड़ी राहत परिवार के लिए है। जिस बच्ची की हालत देखकर परिजन दिन-रात चिंता में डूबे हुए थे, अब उसकी सेहत में सुधार देखकर उनकी आंखों में उम्मीद लौट आई है। बुधवार को एक भावुक पल तब सामने आया जब दादा गोविंद जाट और दादी निर्मला ने अपनी लाडली को गोद में बैठाकर मिठाई खिलाई। पोती के चेहरे पर लौटती मुस्कान देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। परिवार अब सिर्फ यही प्रार्थना कर रहा है कि उनकी मासूम बेटी जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आए।
Updated on:
18 Jun 2026 11:29 am
Published on:
18 Jun 2026 11:17 am
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