New order on Bhojshala: भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद एएसआई ने जारी किए नवीन आदेश, 365 दिन हिंदू समुदाय का होगा प्रवेश।
MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के धार में स्थित भोजशाला पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने के बाद अब केन्द्रीय पुरातत्व विभाग ने नया आदेश (New order on Bhojshala) जारी किया है। केन्द्रीय पुरातत्व विभाग संरक्षित (ASI Protected Heritage) धरोहर भोजशाला के मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद एएसआई द्वारा नई गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत अब हिंदू समुदाय को 365 दिन पूजन-पाठ का अधिकार रहेगा।
इसी के साथ इमारत का टाइटल भी चेंज होगा। पूर्व में इसे भोजशाला-कमाल मौलाना मस्जिद परिसर एएसआई के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। अब मस्जिद शब्द हटकर इमारत की पहचान भोजशाला रहेगी। इसे हिंदू समुदाय की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि कोर्ट ने अपने फैसले में इमारत के धार्मिक स्वरूप को मंदिर के रूप में मान्य किया है। इसके साथ इसके देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी के साथ इसकी गाइड लाइन तय करने के निर्देश एएसआई को दिए थे।
15 मई को कोर्ट ने आदेश पारित किया और 16 मई को आदेश के परिपालन में एएसआई ने आदेश जारी करते हुए पूरे साल पूजा का अधिकार दिया है। इसी के साथ भविष्य में यहां पर नमाज होने की संभावनाएं पूर्णत: समाप्त हो गई है। गौरतलब है कि कोर्ट में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने के साथ नियमित पूजन-पाठ का अधिकार मांगा था। इसी मामले में न्यायालय ने आदेश दिया था, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया के तहत इस तरह की गाइड लाइन जारी है।
याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि यह हिंदू समाज की सबसे बड़ी जीत है। उसे पूर्व में वसंत पंचमी पर अखंड पूजा का अधिकार मिला था। वहीं अब राजा भोज की भोजशाला मंदिर के रूप में प्रमाणित हो गई है और सरकारी रिकार्ड में भोजशाला के साथ जुड़ा मस्जिद शब्द हट जाएगा। प्रतिदिन मां वाग्देवी का पूजन-दर्शन किया जा सकेगा।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद शनिवार को सुबह धार की भोजशाला में हिन्दू समाज में उत्साह देखा गया। कई सामाजिक, धार्मिक संगठन और स्थानीय श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और मां वाग्देवी के स्थान पर श्रद्धा के साथ पूजन-अर्चना किया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल है। अनेक श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड के समीप पुष्प अर्पित किए और दंडवत प्रणाम कर मां वाग्देवी को नमन किया।श्रद्धालुओं ने कई वर्षों के बाद मंदिर परिसर के फैसले पर खुशी जाहिर की और इसे आस्था की जीत बताया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। (MP News)