
Dhar News :मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर में स्थित महेंद्रा ब्रिज पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 3 मासूम छात्रों की मौत के बाद पीथमपुरवासियों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। रविवार को पीथमपुर बचाओ समिति और शहरवासियों ने पैदल मार्च निकालकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन रहा। लोगों ने उसी स्थान पर पहुंचकर बच्चों को याद किया, जहां हादसे के बाद उनके शव रखे गए थे।
श्रद्धांजलि के साथ ही शहरवासियों ने बदहाल सड़क, मरम्मत में लापरवाही और यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों के प्रति नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि, औद्योगिक नगरी होने के कारण पीथमपुर के मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़कों की नियमित मरम्मत, गति सीमा का पालन और प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन बेहद जरूरी है। नागरिकों ने मांग की कि, महेंद्रा ब्रिज की सड़क की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए और दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
पैदल मार्च में शामिल स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत, प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने, दिशा संकेतक और गति सीमा के बोर्ड लगाने के साथ रहवासी क्षेत्रों में भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने की मांग की। उन्होंने औद्योगिक कंपनियों के सहयोग से व्यस्त चौराहों पर यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने की मांग भी की। वहींही इंदोरामा के अधूरे फ्लाईओवर और विकास भवन से संजय जलाशय की तरफ जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का काम जल्द पूरा कराने की जरूरत बताई, ताकि पीथमपुर के मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम किया जा सके।
पीथमपुर बचाओ समिति और शहरवासियों की ओर से जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में महेंद्रा ब्रिज सहित खराब सड़कों की मरम्मत, यातायात व्यवस्था में सुधार, औद्योगिक वाहनों की गति नियंत्रित करने और अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने जैसे मुद्दे शामिल किए गए। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले तीनों बच्चों के परिवारों को शासन-प्रशासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे नागरिकों ने कहा कि तीन मासूमों की मौत ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने ला दिया है। लोगों की मांग है कि इस घटना के बाद केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क सुधार और यातायात प्रबंधन के स्तर पर ठोस कार्रवाई दिखाई दे। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों ने समस्याओं के समाधान की दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।