
Dhar News :मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद नगर के अंतर्गत आने वाली धरमपुरी विधानसभा से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर बीते लंबे समय से नगर में फैली जन समस्याओं, नगरीय प्रशासन की लापरवाही और विकास कार्यों में आ रही समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। जन समस्याओं पर ठोस समाधान न होने से त्रस्त हो चुके विधायक ने आगामी 9 अक्टूबर 2026 से केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर के बंगले के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला ले लिया है। अब इस मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए उमंग सिंघार ने लिखा कि, 'मध्य प्रदेश में आखिर चल क्या रहा है? भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर के घर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की बात कर रहे हैं। विधायक का आरोप है कि, अधिकारी उनकी सुन नहीं रहे, शिकायतों के बावजूद सीएमओ माया मंडलोई पर कार्रवाई नहीं हो रही और विकास कार्य ठप पड़े हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'यानी विधायक की मंत्री नहीं सुन रही, अधिकारी विधायक की नहीं सुन रहे और सरकार के भीतर ही कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं! हो भी क्यों, जब मुख्यमंत्री न खुद किसी की सुनते है, न चलने देते हैं तो अधिकारी किसी की क्यों सुनेंगे? यह सिर्फ धामनोद का विवाद नहीं, पूरी सरकार और भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी, वर्चस्व की लड़ाई और 'मैं बड़ा' की राजनीति का भयावह चेहरा है। जब सत्ताधारी दल के विधायक को अपनी ही सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल करनी पड़े तो समझिए मध्य प्रदेश में शासन नहीं, सत्ता के भीतर संघर्ष चल रहा है।
नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन यादव से सवाल करते हुए लिखा कि, 'मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, आपके इशारों और संरक्षण में चल रही भाजपा की इस आपसी खींचतान में मध्य प्रदेश की आम जनता पिस रही है।'
आपको बता दें कि, विधायक कालू सिंह ठाकुर का आरोप है कि, 'नगर परिषद की सीएमओ माया मंडलोई के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई से पूरा शहर परेशान है। पिछले और मौजूदा कलेक्टर, पुलिस अधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदार को कई बार लिखित में शिकायतें दी जा चुकी हैं और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।' विधायक ने स्पष्ट किया कि, वो आगामी 9 अक्टूबर से इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री के घर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे और जब तक शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका ये आंदोलन जारी रहेगा।