चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानि हनुमान जन्मोत्सव 2021 में कब है?
श्री राम shri Ram के अनन्य भक्त और चिरंजीवी केसरीनंदन हनुमान hanuman ji जी को सनातन धर्म में कलयुग का देवता माना जाता है। वहीं श्री हनुमान जी के जन्म के सम्बन्ध में धार्मिक ग्रंथो में चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का उल्लेख मिलता है।
इसी कारण हर साल इस तिथि पर हनुमान जन्मोत्सव (प्राकट्योत्सव) मनाया जाता है। ऐसे में इस साल यानि 2021 में भी श्री हनुमान shri hanuman Birthdayजन्मोत्सव का पर्व 27 अप्रैल, मंगलवार को मनाया जायेगा।
कलयुग के देवता हनुमान जी के सम्बन्ध में मान्यता है कि ये अत्यंत बलशाली होने के साथ ही आसानी से प्रसन्न होने वाले देव हैं। इन्हें 11वां रुद्रावतार Rudravatar भी माना जाता है।
पंडितों और जानकारों का मानना है कि इस 13 अप्रैल से शुरू हुए हिन्दू नववर्ष 2078 hindu nav varsh के राजा और मंत्री दोनों ही मंगल हैं, वहीं मंगल के कारक देव हनुमान जी होने के कारण इस साल पर हनुमान जी का अत्यंत प्रभाव रहेगा।
ऐसे में आज हम आपको इस श्री हनुमान जन्मोत्सव 2021 पर अपनाये जानें वाले कुछ खास उपायों के बारे में बता रहें हैं, जिनके सम्बन्ध में धर्म के जानकारों का कहना है कि इन्हें अपनाने से इस पूरे साल हनुमान जी hanuman ji का आप पर आशीर्वाद बना रहेगा। साथ ही पूरे साल वे आपकी मदद भी करते रहेंगे।
पहले समझ लें नियम ...
इन उपायों को अपनाने से पहले कुछ नियमों को समझ लें, जिनके बिना इन उपायों का असर दिखने में शंका बनी रहती है।
- जो भी उपाय अपनाये उसे पूरे विश्वास, श्रद्धा और भक्ति से करें।
- इस दौरान जमीन पर सोने के साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- साफ सफाई का ध्यान रखें ।
- बड़ो का अपमान न करें।
- किसी से गलत बर्ताव न करें।
- किसी के दिल को न दुखाएं।
- इस दिन मांस और मदिरा का-सेवन न करें।
- झूठ न बोलें ।
ये हैं इस दिन के खास उपाय ...
श्री हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की सफाई करते हुए गंगाजल या गौमूत्र के छिड़काव से घर को पवित्र करें, फिर नहाएं।
स्नान करके भगवान श्रीराम, माता सीता व श्री हनुमान का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। फिर श्री राम के नाम का स्मरण करें और फिर हनुमान मंदिर में जाकर या घर पर ही हनुमान जी का पूजन करें।
:- इसके बाद श्रीरामरक्षास्त्रोत shri Ramraksha shotra का पाठ करें , इसका कारण ये है कि श्री राम की पूजा से हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
: फिर आप हनुमान चालीसा का 64 बार या बजरंगबांण का 32 बार या हनुमानाष्टक का 16 बार पाठ करें (तीनो में से कोई भी एक पाठ बताई गयी संख्या के अनुसार करें ) ।
: इसके बाद आप हनुमानजी को चोला अर्पित कर सकते हैं ।
: इसके अलावा इस दिन आप सुन्दर कांड का पाठ भी कर सकते हैं ।
वहीं हनुमान जयंती hanuman jayantiकी शाम को हनुमानजी की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का व एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा Hanuman chalisa का पाठ करें। हनुमानजी की कृपा पाने का ये भी एक अचूक उपाय है।
ऐसे समझें इस बार क्या कैसे है खास...
दरअसल 13 अप्रैल को ही हिन्दुओ के नववर्ष यानि नवसंवत्सर का शुभारम्भ हुआ है। वहीं इस वर्ष के राजा और मंत्री दोनों मंगल हैं। वहीं मंगल के कारक देव हनुमान Hanuman जी होने के कारण माना जा रहा है कि इस नव संवत्सर पर हनुमान जी का खास प्रभाव रहेगा।
ऐसे में श्री हनुमान जन्मोत्सव 2021 पर हनुमान जी का पूजन इस साल आपके पूरे जीवन पर विशेष प्रभाव डालेगा। वहीं ज्योतिष के जानकर पंडित सुनील शर्मा का ये भी कहना है कि 2021 की कुंडली में विष योग बना हुआ है।
विष योग में शनि Shani व चंद्र का प्रभाव होता है, वहीं मंगल जिसे देवसेनापति भी माना जाता है उसके कारक देव स्वयं हनुमान जी हैं और मंगल ही शनि Shani dev के साथ ही चंद्र की स्थिति में भी सामंजस्य का कार्य कर सकता है। यानि ऐसे में हनुमान जी की पूजा इस वर्ष खास रहेगी वहीं इस पूजा के चलते विष योग का प्रभाव भी कम होगा।