
Navratri Rashi Effect: देवी भागवत पुराण के अनुसार यदि नवरात्रि (Navratri 2026) की शुरुआत रविवार या सोमवार से होती है तो माता रानी का वाहन हाथी (गज) होता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. राजकुमार अग्रवाल के अनुसार हाथी को स्थिरता, वैभव, अच्छी वर्षा और उत्तम फसल का कारक माना गया है। इससे जनमानस के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं में माता का वाहन किसी एक विशिष्ट राशि विशेष के लिए अलग से फल नहीं देता, बल्कि इसका प्रभाव समूची मानवता, देश और सभी बारह राशियों के लिए व्यापक स्तर पर शुभहोता है। हाथी की सवारी सभी राशियों के जातकों के लिए आर्थिक स्थिरता, प्रगति और शांति लेकर आती है।
नवरात्रि पर्व पर चित्रा नक्षत्र तथा गजकेसरी योग के शुभ संयोग में घटस्थापना एवं कलश स्थापन करने के लिए विशिष्ट मुहूर्त प्रातः 03.30.38 से 03.45.12 तक रहेगा। ज्योतिर्विद पं. गुलशन अग्रवाल के अनुसार नवरात्रि पर्व पर चित्रा नक्षत्र तथा गजकेसरी योग के शुभ संयोग में घटस्थापना एवं कलश स्थापन करने के लिए विशिष्ट मुहूर्त प्रातः 03.30.38 से 03.45.12 बजे तक रहेगा। प्रातः 04.50.06 से 06.22.57 बजे तक (ब्रह्मवेला द्विस्व. कन्या लग्न लाभचौघड़िया) प्रातः 10.08.26 से 10.23.34 बजे तक (स्थिर वृश्चिक लग्न नवांश लाभ चौघड़िया) प्रातः 11.47.05 बजे से दोपहर 12.11.05 बजे तक (अभिजीत मुहूर्त-अमृत चौघड़िया)।
चौघड़िया से - प्रातः 07.49 मि. से 09.17 बजे तक (चर) प्रातः 09.18 से 10.44 बजे तक तक (लाभ) प्रातः 10.45 से दोप. 12.11 बजे तक (अमृत), दोपहर 1.38 से 03.05 बजे तक (शुभ), शाम 05.59 से 07.32 बजे तक (शुभ)।
मेष - करियर और आत्मविश्वास में वृद्धि के योग हैं।
वृषभ व्यापार में लाभ और उन्नति के अवसर मिलेंगे।
कर्क- आर्थिक स्थिति में सुधार और नए अवसर प्राप्त होंगे।
सिंह- धन लाभ कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव के आसार हैं।
कन्या- अटके हुए कार्य पूरे होंगे भाग का साथ मिलेगा।
तुला- नौकरी कारोबार में अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे।
वृश्चिक-धनु- मानसिक शांति और संतोष का अनुभव होगा। निवेश से लाभ की संभावना बनेगी।
कुंभ-स्वास्थ्य में सुधार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
मकर- जमीन मकान अला संपत्ति खरीदने व धन लाभ के योग हैं।
मीन - सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन और चाल से विशेष आर्थिक लाभ व सफलता के योग हैं।