
शारदीय नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर आएंगी दुर्गा माता demo pic
Shardiya Navratra : शारदीय नवरात्रि के साथ ही अगले माह शक्ति पर्व आएगा। इसकी शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस बार नवरात्रि में सप्तमी तिथि दो दिन रहेगी जबकि अष्टमी और नवमी पूजा एक ही दिन होगी। शारदीय नवरात्रि 2026 में सिंह वाहिनी माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि नवरात्रि का यह संयोग सभी राशिवालों के लिए सुख-समृद्धिदायक साबित होगा। शारदीय नवरात्रि सभी जातकों के लिए शुभ फलदायी रहेगी।
पंचांग की गणना के अनुसार इस बार दुर्गाष्टमी और महानवमी का पूजन एक ही दिन होगा। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह 8:27 बजे से प्रारंभ होगी और 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। शास्त्रोक्त उदया तिथि के आधार पर 19 अक्टूबर को ही अष्टमी तिथि मानी जाएगी यानि इसी दिन महागौरी की पूजा कर कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा। नवमी के सभी धार्मिक अनुष्ठान इसी दिन संपन्न किए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस बार शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन होती है तो मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है। 11 अक्टूबर को रविवार है इसलिए इस बार शारदीय नवरात्र में माता का वाहन हाथी माना जा रहा है। इसे बहुत शुभ बताया जा रहा है।
धर्माचार्य पंडित अरुण बुचके और ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर ने भी मां दुर्गा के हाथी पर सवार होकर आने को मंगलदायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शुभ संयोग होता है। जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो नवरात्रि को सुख-समृद्धि लानेवाली माना जाता है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्रि के बाद दशमी तिथि पर विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। 2026 में 20 अक्टूबर को यह पर्व आएगा। दशहरा मंगलवार के दिन मनाया जाएगा। भगवान राम की रावण पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में यह पर्व मनाया जाता है।
Updated on:
22 Sept 2026 05:33 pm
Published on:
22 Sept 2026 05:19 pm
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