धर्म-कर्म

क्या दान के गलत उपयोग का दोष दानदाता को भी लगता है? प्रेमानंद जी ने खोल दी आंख

Premanand JI Maharaj Latest Pravachan: संत प्रेमानंद जी महाराज ने दान के मिसयूज पर आंख खोल देने वाली बात कही है। इस लेख में महाराज श्री से समझिए, क्या दान देने वाले को भी दान के दुरुपयोग का दोष लगता है।
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Dec 31, 2025
PREMANAND JI MAHARAJ PRAVACHAN
PREMANAND JI MAHARAJ PRAVACHAN: प्रमानंद जी से समझिए अपात्र को दान देना चाहिए या नहीं। (फोटः भजनमार्म)

Premanand JI Maharaj Pravachan: संत श्री प्रेमानंद जी महाराज को कौन नहीं चाहता। हर कोई उनके प्रवचनों, उनकी बातों को बड़ी श्रद्धा से सुनता है। हाल ही, उन्होंने दान को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने समझाया है कि, क्या दान देने वाले को भी दान के गलत उपयोग का पाप या दोष लगता है।

क्या दान के दुरुपयोग से लगता है दोष?

महाराज श्नी ने कहा कि, दिए हुए दान का यदि प्राप्तकर्ता दुरुपयोग करता है, तो इसका दोष दानदाता को भी लगता है। उसे भी भुगतना पड़ता है। इसीलिए हमने कई बार कहा है कि, भोजन सबको देना चाहिए। ठंड के मौसम में चाहे, जरूरतमंद को अपनी स्वेटर दे दो। इसी तरह बीमार को दवा दे दो। बस ध्यान देने वाली बात तब है, जब पैसे देने की बारी आए। धन देते वक्त, इस बात का खास ख्याल रखें कि, हमारे पैसे का सही उपयोग होगा या नहीं। क्योंकि हम पैसा सद्कर्म, सद्कार्य के लिए देते हैं। ऐसे में यदि वह पैसा गलत कामों में लगता है तो, हम भी भागीदार बन जाते हैं। इसलिए धन पात्रता देखकर ही, केवल जरूरतमंद को ही देना चाहिए, जो उस धन का सद्उपयोग करे। केवल भोजन सबको दे दो।

किन चीजों का दान करना चाहिए?

संत श्री ने समझाते हुए कहा कि, यदि सर्दी है और किसी को जरूरत हो तो, तो अपनी जैकेट भी देने में कोई बुराई नहीं है। एक दिन हम सब्जी नहीं खाएंगे, लेकिन जो सब्जी के पैसे हैं, वो तो किसी असहाय को दे ही सकते हैं। यदि आपका पैसा, धर्म और ईमानदारी से कमाया हुआ धन है, तो आप गौसेवा, संत सेवा, अस्पताल, जरूरतमंद आदि को दे सकते हैं। धन हमेशा पात्रता देखकर ही दें। यदि हम अपात्र या गलत काम करने वाले को धन का दान करेंगे, तो उसके साथ आपकी भी दुर्गति होगी, क्योंकि वो धन आपका ही दिया हुआ है।

Published on:
31 Dec 2025 11:47 am