
Rahu Effects: ज्योतिष में राहु (Rahu in Astrology) को अक्सर परेशानियों, भ्रम और मायाजाल का कारण माना जाता है, लेकिन क्या सच में राहु केवल ग्रह या राक्षस है? पंडित पंकज उपाध्याय का मानना है कि आज के समय में राहु का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। उनके अनुसार राहु हमारे दिमाग में मौजूद उन प्रवृत्तियों का नाम है जो हमें भ्रम, लालच, झूठ, नशे और समय की बर्बादी की ओर ले जाती हैं।
हर व्यक्ति राहु से परेशान है। ज्योतिष के विषय पर बात करे तो मुख्य खलनायक राहु ही निकल कर आता है। कोई उसकी महादशा में परेशान तो कोई उसके गोचर से परेशान है। इसी बीच प्रश्न सामने आता है कि राहु आखिर है क्या? प्राचीन काल में राक्षसों को राहु माना जाता रहा। फिर समय बदला तो दुश्मनों को राहु माना गया। अब कोई शराब को राहु कहता है तो कोई अपने किसी दुश्मन को राहु मानता है।राहु का निवास शरीर के बाहर नहीं बल्कि भीतर ही रहता है, यानी मस्तिष्क में। बाहरी परिस्थितियां उस राहु को नींद से जगाती है और वो हमें या तो यंग करता है या हमारे लिए सकारात्मक रहता है।
राहु हमारी सारी बुरी आदतें भी है। वह भ्रम,माया, बड़े सपने, साहस, तुरंत सोचने की क्षमता, झूठ बोलने की कला, बड़ी बड़ी महत्वाकांक्षाएं और तुरंत की निर्णय लेने की क्षमता के रूप में मस्तिष्क में रहता है। पहले ये सब किसी व्यक्ति की संगत पर निर्भर करता था और वो राहु की अच्छी बुरी क्षमता के चक्कर में पड़ता था। यहां तक कि अपना भविष्य खराब करता था क्योंकि पुराने समय बिना बुरी संगत के आदत लगने या बड़े सपने देखने की परिस्थितियां निर्मित कम ही होती थी।
पंडित बताते है कि आज के समय हम सब के साथ 24 घंटे हमे राहु के फेर में उलझाने वाला यंत्र रहता है। एक बार रील देखना शुरू किया तो पता नहीं कितना समय गंवा दे, किसी को रील देखने का नशा तो किसी को बनाने कल नशा, कोई फ्रॉड कर रहा है। कोई उसका शिकार हो रहा है, स्क्रीन के दूसरी तरफ की सच्चाई किसी को नहीं मालूम सब माया और भ्रम है, जीवन को आबाद और बर्बाद करने का सबसे बड़ा यंत्र हमारा फोन हमारे साथ रहता है। कोई गेम खेल कर जीवन बर्बाद कर रहा है, कोई मीठी बातों से झूठे रिश्ते बना रहा है।
सबको एक गंभीर बीमारी लग चुकी है बार-बार मोबाइल का नोटिफिकेशन चेक करना, लोगों के स्टेटस चेक करना और उसके बाद भ्रम का जाल की जिसका स्टेटस देखा उसका जीवन कितना अच्छा चल रहा है। हमारे जीवन में कमी है, एक अलग ही मायाजाल और भ्रम जिसमे सब उलझे हुए हैं। किसी का भी दिमाग उसके पास 100% नहीं है उसका अधिकतम हिस्सा मोबाइल ने कब्जा किया हुआ है।
अब मायावी राक्षस नहीं आएगा जो अलग अलग रूप बना कर। मोबाइल पर जो चैट रहा है उसी का असली रूप देखना होगा। बड़ी लॉटरी के लालच के फोन से बचना होगा। इंस्टाग्राम को स्क्रॉल कर कर के समय बर्बाद करने से बचना होगा। यही छुपा है राहु का उपाय। समय निर्धारित करे और इस राहु का सकारात्मक उपयोग करे।