
Putrada Ekadashi : सावन पुत्रदा एकादशी तिथि पर असमंजस बना हुआ है। अधिकांश पंचांगों में 23 अगस्त को एकादशी तिथि बताई गई है जबकि कुछ में 24 अगस्त को भी व्रत दर्शाया जा रहा है। अजमेर की ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने यह भ्रम दूर करते हुए बताया कि सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को ही रखा जाने वाला है। ये व्रत रक्षाबंधन के 4 दिन पहले पड़ रहा है। जो भी दंपत्ति पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखते हों, उनके लिए पुत्रदा एकादशी काफी महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है।
जरूर करें दीपदान और दान
पुत्रदा एकादशी पर नदी स्नान और दान-पुण्य को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करके भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए। स्नान के बाद नदी या जलाशय में दीपदान करने की परंपरा भी है। यदि किसी कारण से नदी या सरोवर में स्नान करना संभव नहीं है, तो घर पर स्नान करते समय पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाया जा सकता है। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा और दीपदान करें। पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार पुत्र की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को विधि पूर्वक श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करना चाहिए। इस व्रत के प्रभाव से लोक में समस्त भौतिक सुख और परलोक में स्वर्ग की प्राप्ति होती है। सावन पुत्रदा एकादशी व्रत करने से पाप नष्ट हो जाते हैं, साथ ही ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है। सावन पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख के लिए निर्जला व्रत कर रात्रि जागरण करें और फिर अगले दिन व्रत का पारण करें।
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 23 अगस्त को है। पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष एकादशी की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को तड़के सुबह 02:00 बजे से हो रही है, जोकि 24 अगस्त सुबह 04:18 बजे तक जारी रहेगी। ऐसे में मंगलवार 23 अगस्त 2026 को ही पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
सावन पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ समय 23 अगस्त को सुबह 7:32 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक बताया गया है। व्रत का पारण 24 अगस्त को दोपहर 1:41 बजे से शाम 4:16 बजे तक कर सकते हैं।