
Shardiya Navratri 2026 shubh yog: मां दुर्गा की आराधना, भक्ति का उल्लास और शुभ मुहूर्ती के बीच शारदीय नवरात्र में खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के कई अवसर मिलेंगे। नवरात्र के दौरान त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और द्विपुष्कर जैसे योग बनेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों को खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। 11 अक्टूबर से शुरू हुए नवरात्र 20 अक्टूबर तक चलेंगे। इस दौरान बाजारों में आभूषण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और घरेलू सामान की खरीदारी को लेकर उत्साह रहने की उम्मीद है। इस बार 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी का संयोग भी विशेष रहेगा।
नवरात्र के दौरान ग्रह-नक्षत्रों के संयोग से कई शुभ योग बनेंगे। मंगलवार को त्रिपुष्कर योग के साथ इसकी शुरुआत हुई। परंपरागत ज्योतिष में त्रिपुष्कर योग को खरीदारी और विशेष कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी मान्यता के चलते बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
15 अक्टूबरः रवि योग और सौभाग्य योग
16 अक्टूबरः सुकर्मा योग
17 अक्टूबरः द्विपुष्कर योग
18 अक्टूबरः सर्वार्थ सिद्धि योग
19 अक्टूबरः दोपहर 3.38 बजे से 20 अक्टूबर सुबह 6.25 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग
20 अक्टूबर को महासंधि पूजा का मुहूर्त सुबह 10.27 से 11.15 बजे तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे
दिन-गिनती वाले नवरात्रि कैलेंडर में आठवां दिन 18 अक्टूबर है। इस दिन मां महागौरी की पूजा रखी जाती है। हिंदू पंचांग के दिनवार कैलेंडर में भी 18 अक्टूबर को नवरात्रि का आठवां दिन और महागौरी पूजा दी गई है। तिथि-आधारित पंचांग में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे समाप्त होगी। इसी नियम के कारण महाअष्टमी 19 अक्टूबर को मानी गई है।
पहला दिन - मां शैलपुत्रीमंत्र: ह्रीं शिवायै नम:
दूसरा दिन - मां ब्रह्मचारिणीमंत्र: ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:महत्व:
तीसरा दिन - मां चन्द्रघण्टामंत्र: ऐं श्रीं शक्तयै नम:
चौथा दिन - मां कूष्माण्डामंत्र: ऐं ह्रीं देव्यै नम:
पांचवा दिन- मां स्कंदमातामंत्र: ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:
छठा दिन - मां कात्यायनीमंत्र: क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
सातवा दिन - मां कालरात्रिमंत्र: क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:
आठवा दिन - मां महागौरीमंत्र: श्री क्लीं ह्रीं नम: (या या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥)
नौवा दिन - मां सिद्धिदात्रीमंत्र: ॐ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम: