
धौलपुर. गुरुद्वारा रोड की एक बहुमंजिला इमारत में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट में रहने वाले पति-पत्नी के शव मिले। दोनों किराये के फ्लैट में रह रहे थे। मामले की जानकारी सबसे पहले उनके दोस्त पुष्पेन्द्र मीना को हुई। उन्होंने बलराम मीना का फेसबुक स्टेटस देखा, जिसके बाद उन्हें शक हुआ और वे सीधे फ्लैट पहुंच गए। वहां दोनों को मृत हालत में देखने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
बलराम मीना पुत्र राम गोपाल यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। वे करीब एक सप्ताह से कार्यालय नहीं गए थे। सोमवार को फेसबुक पर उनके स्टेटस में तीन बार बदलाव हुआ था। इसी को देखकर दोस्त को चिंता हुई और वह फ्लैट पर पहुंच गए। घटना की खबर मिलते ही बलराम के ऑफिस के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। अचानक सामने आई घटना से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद एएसपी वैभव शर्मा और सीओ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जानकारी ली। निहालगंज थाना पुलिस ने दोनों के शव मोर्चरी में रखवा दिए हैं। मौके पर एफएसएल और एमओवी टीम ने भी पहुंचकर जांच की।
फ्लैट की जांच में पुलिस को मृतक के पास में एक बुकलेट (डायरीनुमा) मिली, जिसमें करीब 10 से 12 पेजों पर अलग-अलग बातें रखी थी। एक जगह लिखा था कि हम जिएंगे मरेंगे साथ…। अभिभावकों को लिखते हुए एक पेज पर कहा कि पापा मैं अच्छा बेटा नहीं बन पाया…। बुक लेट में एक जगह बलराम ने लिखा है कि हम आराम करना चाहते हैं, थक गए…बच्चों का ख्याल रखना।
मैनेजर बलराम 21 सितम्बर को लंच के बाद घर आ गए और फिर ऑफिस नहीं गए। उसी दिन जयपुर से ऑडिट टीम भी आई थी, जिन्होंने तीन से चार दिन कार्यालय में जांच की लेकिन इसके बाद भी वह कार्यालय नहीं गए। कार्मिकों ने बताया कि 21 सितम्बर को सुबह आए थे लेकिन फिर नहीं आए। जिस पर ऑडिट टीम ने अनुपस्थिति लगा दी थी। सूत्रों के अनुसार अनियमितता होने की आशंका जताई है। हालांकि, थाना प्रभारी देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रत्येक एंगल से जांच कर रही है। ऑडिट टीम और कार्यालय सहकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।
घटना को लेकर मृतक बलराम के मित्र पुष्पेन्द्र निवासी धनौरा बाड़ी का रो-रो कर बुरा हाल था। वह अपने आंसू नहीं रोक पाए। एएसपी वैभव ने पुष्पेन्द्र से घटना को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया तो पुष्पेन्द्र बोले, सर मै अभी कुछ नहीं बता सकता हूं…मुझे नॉर्मल होना है। वह फ्लैट में ही अंदर कमरे में खड़े रहे थे, पुलिसकर्मियों ने उन्हें सांत्वना दी। वहीं, अन्य सहकर्मी भी खबर सुनकर फ्लैट पर पहुंच गए। एक महिला सहकर्मी ने बताया कि मैनेजर सर अच्छे थे और शांत स्वभाव के थे। कभी कुछ दिखा नहीं कि वह किसी तनाव में हैं। केवल 21 सितम्बर को लंच के बाद वह ऑफिस वापस नहीं पहुंचे।
एएसपी ने बताया कि डायरी के कुछ पेज पर मृतक ने किससे उधार लिया है और किसे राशि देनी है, इसका उल्लेख किया है। इसमें संबंधित राशि भी लिखी हुई है। इसके अलावा मां-बाप, भाई और दोस्तों के नाम अलग-अलग पेज पर लिखकर उसने अपने मन की बातें साझा की हैं। दोस्त पुष्पेन्द्र मीना का नाम लिखते हुए बच्चों का ध्यान रखने और उन्हें खूब पढ़ाने की बात कही है।
दंपती तीसरे फ्लोर पर सीढ़ियों के सामने कॉर्नर में स्थित फ्लैट संख्या 303 में रहते थे। बलराम इससे पहले जोधपुर में कार्यरत थे। तबादला होने के बाद धौलपुर ब्रांच में मैनेजर पद पर आए थे। करीब मार्च 2024 से वह इसी इमारत में रह रहे थे। बलराम मीना मूल रूप से करौली जिले के नादौती थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव के रहने वाले थे। धौलपुर में वह अपनी पत्नी सरोज मीना और बड़े भाई के बच्चे के साथ इसी फ्लैट में रह रहे थे। घटना के दौरान जब दोनों बच्चे स्कूल से लौटे तो दोस्त उन्हें अपने घर ले गए।