
पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी। फोटो: पत्रिका
अजमेर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गगवाना पुलिया के पास खड़ी टैक्सी में मृत मिले चालक श्रीकांत तिवारी की हत्या की वारदात गाजियाबाद के दो सगे भाइयों ने षड़यंत्रपूर्वक अंजाम दी थी। उन्होंने श्रीकांत की टैक्सी को लूट के इरादे से नोएडा से गुजरात बड़ोदरा के लिए बुक की। लेकिन रास्ते में मौका नहीं मिलने पर दोनों वापस वाया अजमेर लौट आए। किशनगढ़ टोल क्रॉस करने के बाद बगरू के पास वारदात अंजाम देना चाहा तो श्रीकांत के विरोध पर काफी झगड़ा हुआ। आखिर उसी के गमछे से गला घोंटकर हत्या कर शव को गगवाना पुलिया के पास छोड़कर फरार हो गए। यह खुलासा सोमवार को पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने किया।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि गेगल थाना क्षेत्र में गगवाना पुलिया के पास 21 सितंबर सुबह क्षतिग्रस्त कार में मृत मिले टैक्सी चालक श्रीकान्त तिवारी की हत्या उत्तर प्रदेश गाजियाबाद खोड़ा जमाईपुरा निवासी कौशल सिंह(26) और सूरज सिंह(22) दोनों पुत्र अजयसिंह ने की। पुलिस ने रविवार रात गाजियाबाद के खोड़ा से दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने लूट के इरादे से श्रीकांत की टैक्सी नोएडा से बड़ोदरा के लिए बुक की थी। श्रीकांत के सतर्क रहने से उनके मनसूबे कामयाब नहीं हुए।
दोनों वापस श्रीकांत की टैक्सी से ही उदयपुर वाया अजमेर लौट आए। अजमेर गेगल टोल क्रॉस करने के बाद तीनों रात एक बजे ढाबे पर चाय पीकर आगे रवाना हो गए। रास्ते में बगरू के पास दोनों भाइयों ने श्रीकांत के साथ मारपीट की। विरोध पर उन्होंने पहले पत्थर से वार किया फिर श्रीकांत के गमछे से ही गला घोंटकर हत्या कर दी।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि दोनों भाइयों ने वारदात को हादसा दिखाने की गरज से शव को पीछे वाली सीट के बीच डालने के बाद कार सड़क किनारे खड़ी पिकअप से टकरा कर क्षतिग्रस्त कर दी। थाना पुलिस ने शिनाख्त के बाद परिजनों से सम्पर्क किया। मृतक की पहचान यूपी औरेया दिबियापुर निवासी टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी के रूप में होने पर 22 सितंबर को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
एसपी ने बताया कि एफएसएल व एमओबी ने घटनास्थल व वाहन से प्रिंट उठाए। गेगल थाने की टीमों ने ब्यावर से बगरू तक 60 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। ब्यावर, गेगल, किशनगढ़ व बगरू टोल प्लाजा से रिकॉर्ड व फुटेज के विश्लेषण के आधार पर रूट मैप तैयार कर तीन दिन तक गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली में आरोपियों के स्थानीय सम्पर्क व गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना पर 27 सितम्बर को स्थानीय पुलिस की मदद से गाजियाबाद खोड़ा में दबिश देकर कौशल व सूरजसिंह को दबोचा। पुलिस पड़ताल में उन्होंने वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि सूरज पर करीब 6-7 लाख रुपए का कर्ज है। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने बड़े भाई कौशल के साथ मिलकर टैक्सी लूटने की साजिश रची थी। आरोपी टैक्सी लूटकर गुजरात के अंकलेश्वर में बेचना चाहते थे लेकिन नोएडा से बड़ोदरा तक के सफर में श्रीकांत सतर्क रहा। फिर उन्होंने श्रीकांत को ही वापस चलने के लिए नोएडा तक का किराया तय कर लिया। इसके बाद अजमेर-जयपुर के बीच बगरू के पास आरोपियों ने टैक्सी लूटने की कोशिश की और जब आरोपी कामयाब नहीं हो पाए तो चालक की हत्या की दी।
शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपियों ने कार का जीपीएस तोड़ना चाहा लेकिन कामयाब नहीं होने पर शव को कार में ही छोड़कर फरार हो गए। आरोपी मृतक का मुख्य मोबाइल और एक क्रेडिट कार्ड भी ले गए। पुलिस ने क्रेडिट कार्ड आरोपियों से बरामद कर लिया।
कार्रवाई में थानाप्रभारी रोशन सामरिया ने नेतृत्व में एएसआई देवकरण, कृष्ण कुमार, हेड कांस्टेबल पिन्टू कुमावत, रामकमल, सिपाही महावीर मीणा, मोतीराम, रामसिंह व चालक कांस्टेबल दीपकसिंह, हेडकांस्टेबल पिंटू कुमावत, रामकमल व सिपाही महावीर मीणा की विशेष भूमिका रही।
Updated on:
29 Sept 2026 08:57 am
Published on:
29 Sept 2026 08:57 am
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