धौलपुर जिले में बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। सरमथुरा थाना इलाके में झिरी नाके पर तैनात वनकर्मी जितेंद्र शेखावत को बजरी माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया।
धौलपुर। जिले में बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। सरमथुरा थाना इलाके में झिरी नाके पर तैनात वनकर्मी जितेंद्र शेखावत को बजरी माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल वनकर्मी को जयपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना में वनकर्मी का एक पैर पूरी तरह कुचल गया।
रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार मध्यरात्रि को वनकर्मी जितेंद्र सिंह झिरी नाके पर तैनात था। वनकर्मी की तबीयत खराब होने पर झिरी गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवा लेने जा रहा था। रात्रि साढ़े ग्यारह बजे करीब तेज रफ्तार में आ रहे बजरी माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वनकर्मी को रौंद दिया। जिससे जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। जांघ से खून बहने लगा।
आरोपी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घायल को रात में सरमथुरा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर हालत होने पर चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है।
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण अंतर्गत चंबल नदी के शंकरपुर घाट से बजरी माफियाओं के चोरी-छिपे बजरी का अवैध दोहन किया जा रहा है। बुधवार रात तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियां निकलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई।
जिले में अवैध चंबल बजरी राजाखेड़ा, दिहौली, कोतवाली धौलपुर और बाड़ी सदर व बसई डांग इलाके से निकलती है। हाल में बजरी माफिया से मिलीभगत के मामले में कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र मीणा लाइन निलंबित किया गया था।