Rajasthan Finishing School Program: राजस्थान सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए ‘फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम’ शुरू करने जा रही है। इसके तहत स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
Rajasthan Government: सरकार ने अब उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम की रूपरेखा बनाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देना तथा प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार सुनिश्चित करना है।
जिले में यह प्रशिक्षण धौलपुर पीजी कॉलेज में मिलेगा। यहां पर विशेषज्ञ विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे। खास बात ये है कि सरकारी कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस का 80 फीसदी खर्च सरकार और शेष 20 फीसदी का विद्यार्थी उठाएगा। जबकि महिला व अन्य श्रेणी को केवल 10 फीसदी ही फीस देगी होगी। धौलपुर पीजी कॉलेज राजस्थान फिनिशिंग कार्यक्रम में दो बैचों में कुल 60 सीट रहेंगी। प्रत्येक पाठ्यक्रम में न्यूनतम 20 तथा अधिकतम 30 सीटें निर्धारित होंगी। पाठ्यक्रम की अवधि 300 घंटों की होगी।
कार्यक्रम के तहत सरकारी कॉलेजों में 70 फीसदी कोर सैक्टर स्किल, 20 फीसदी डिजिटल और 10 सॉफ्ट स्किल्स पर आधारित 240 से 540 पष्टों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महाविद्यालय में ऐसे कोर्स संचालित किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत बड़े गारमेंट्स निर्माण वस्त्र मिले तथा कपड़ा निर्माता/विशेषीकृत परिधान मूल्य संवर्धित सेवा प्रदाता/परिधान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य व्यवसाय होंगे।
इस कार्यक्रम को लेकर कॉलेज के सहायक आचार्य विष्णु कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं निजी कॉलेज के विद्यार्थियों को 50 फीसदी और निजी में महिला समेत अन्य को 25 फीसदी फीस जमा करती होगी।
इस कार्यक्रम के तहत सरकार का मूल उद्देश्य युवाओं को रोजगार दिलाना है। कार्यक्रम से रोजगार के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। इसके लिए सरकार ने 70 फीसदी प्लेसमेंट का लक्ष्य रखा है। जिससे प्रदेश के युवा वैश्विक बाजार के लिये प्रशिक्षित हो सकेंगे। स्थानीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिर्राज सिंह मीना के अनुसार महाविद्यालय में ऐपेरल सेक्टर से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
जिले में राजस्थान फिनिशिंग कार्यक्रम के तहत पीजी कॉलेज में इसकी शुरुआत हो रही है। इसमें 80 फीसदी सरकार और 20 फीसदी फीस विद्यार्थी देगा। इसमें गारमेंट्स सेक्टर के विशेषज्ञ 300 घंटों का प्रशिक्षण देंगे।
विष्णु कुमार, नोडल अधिकारी एवं सहायक आचार्य