पीडि़त की ओर से पेश होते हुए उनके वकील ए के जैन ने कहा कि मलिंगा ने झूठ बोलकर जमानत हासिल की थी।
Dholpur News : राजस्थान के धौलपुर जिले की बाड़ी सीट से विधायक रहे गिर्राज सिंह मलिंगा को राजस्थान हाई कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए बिजली विभाग के जेईएन के साथ मारपीट के मामले में मिली जमानत को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में उन्हें 30 दिन के अंदर सरेंडर करने को कहा है। पीडि़त इंजीनियर हर्षधिपति की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह आदेश दिया।
याचिका में कहा गया कि दो साल पहले तत्कालीन बाड़ी विधायक मलिंगा ने जेएइन हर्षधिपति के साथ मारपीट की थी जिसके बाद पीडि़त ने 29 मार्च 2022 को थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवाया था। हालांकि, घटना के एक साल पुलिस ने मलिंगा और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, कुछ समय बाद पूर्व विधायक को जमानत मिल गई।
पीडि़त की ओर से पेश होते हुए उनके वकील ए के जैन ने कहा कि मलिंगा ने झूठ बोलकर जमानत हासिल की थी। जैन ने अपनी दलील में आगे कहा कि पूर्व विधायक जमानत का दुरुपयोग कर रहे थे। जमानत मिलने के बाद उन्होंने याचिकर्ता को तो डराया ही, जुलूस निकाल कर कानून का मजाक बनाया। यही नहीं, गवाह को डराने-धमकाने को लेकर भी पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए
गिर्राज सिंह मलिंगा पहले कांग्रेस में थे। वह धौलपुर की बाड़ी सीट से विधायक चुने गए थे। कांग्रेस सरकार में ही उन्होंने दलित इंजीनियर के साथ मारपीट की। मारपीट की घटना ने इतना तूल पकड़ा की जिसके चलते पार्टी और उनके बीच दूरियां बढ़ती गई। नतीजा यह हुआ कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव से पहले बाड़ी से तीन बार एमएलए रहे मलिंगा ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें बाड़ी सीट से ही टिकट दिया।
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हालांकि, राजस्थान के दलित समूहों ने भाजपा के इस फैसले का जमकर विरोध किया था। उनका मानना था कि एक दलित इंजीनियर के साथ मारपीट करने वाले नेता को भाजपा कैसे टिकट दे सकती है। गौरतलब है कि पीडि़त इंजीनियर ने मलिंगा (Girraj Singh Malinga) के खिलाफ दी अपनी शिक ायत में कहा था कि तत्कालीन विधायक अपने 5-6 समर्थकों के साथ उनके ऑफिस आए और उन्होंने उनके साथ मारपीट की, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से ही पीडि़त इंजीनियर एसएमएस अस्पताल में भर्ती है।