
धौलपुर। पंचायती राज चुनाव के तहत सरपंच पदों की मतगणना के दौरान बयाना पंचायत समिति की तीन ग्राम पंचायतों में जमकर हंगामा हुआ। दर्र बराहना में वोटों की गिनती को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। वहीं खेड़ली गड़ासिया में नाराज समर्थकों ने मतदान केंद्र पर ताला जड़ दिया। बागरैन में भी विजयी प्रत्याशी को स्कूल से बाहर निकलने से रोक दिया गया। तीनों स्थानों पर पुलिस-प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
धौलपुर जिले की ग्राम पंचायत दर्र बराहना में सरपंच पद की मतगणना के दौरान पोलिंग पार्टी ने दो बार वोटों की गिनती कर विमला कुमारी को एक वोट से विजयी घोषित किया। इस पर प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने तीन वोट कम गिनने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
विवाद बढ़ने पर एसडीएम अल्का श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मतगणना बयाना एसडीएम कार्यालय में कराने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार अलसुबह मतपेटियां एसडीएम कार्यालय लाई गई, जहां वीडियोग्राफी के बीच तीसरी बार मतगणना कराई गई। इस बार विमला कुमारी को 883 और उनकी प्रतिद्वंद्वी कविता कुमारी को 870 वोट मिले। इस तरह पहले एक वोट से जीत रही विमला कुमारी को पुनर्मतगणना के बाद 13 वोटों से विजयी घोषित किया गया।
ग्राम पंचायत खेड़ली गड़ासिया में आरती कुमारी को 45 वोटों से विजयी घोषित किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। परिणाम से असंतुष्ट प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी बबली सिंह के समर्थकों ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। नाराज समर्थकों ने मतदान केंद्र के बाहर ताला लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वोटों की गिनती सही तरीके से नहीं की गई।
ग्राम पंचायत बागरैन में अमर सिंह को 1135 वोट मिलने पर 141 वोटों से विजयी घोषित किया गया। परिणाम आने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विजयी प्रत्याशी अमर सिंह को मतगणना स्थल वाले स्कूल में रोक दिया गया और उन्हें घर नहीं जाने दिया। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में समझाइश की गई, जिसके बाद अमर सिंह को घर भेजा गया। तीनों ग्राम पंचायतों में मतगणना के दौरान हुए विवादों ने चुनाव परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को तनावपूर्ण बना दिया। दर्र बराहना में पुनर्मतगणना के बाद जीत का अंतर बदलने से मतगणना प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल भी चर्चा का विषय बन गए।