धौलपुर

Rajasthan : राजस्थान के इस जिले में दिखा आर्कटिक का दुर्लभ पक्षी कॉमन रिंग्ड प्लोवर, पक्षी प्रेमी उत्साहित

Rajasthan : आश्चर्यजनक। धौलपुर जिले के हुसैन सागर इलाके दुर्लभ पक्षी कॉमन रिंग्ड प्लोवर देखा गया है। इससे धौलपुर प्रदेश का चौथा जिला बना जहां इस पक्षी की पुष्टि हुई है। वन विभाग और पक्षी प्रेमी बड़े ही उत्साहित हैं।
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Rajasthan this district spotted Rare Arctic bird Common ringed plover bird lover rejoice
धौलपुर. दुर्लभ पक्षी कॉमन रिंग्ड प्लोवर। फोटो पत्रिका

Rajasthan : आर्कटिक और उत्तरी यूरोप के बर्फीले क्षेत्रों से हजारों किलोमीटर का सफर तय करके दुर्लभ पक्षी कॉमन रिंग्ड प्लोवर धौलपुर जिले के हुसैन सागर इलाके में देखा गया है। इससे पहले यह पक्षी प्रदेश के केवल भरतपुर, सवाई माधौपुर और जैसलमेर जिलों में ही देखा गया था। इस दुर्लभ पक्षी की दस्तक ने धौलपुर का नाम राजस्थान के चुनिंदा पक्षी मानचित्रों में दर्ज करा दिया है। जिससे पक्षी प्रेमी बड़े ही उत्साहित हैं।

जानकारों ने बताया कि यह छोटा सा फुर्तीला पक्षी अपनी आंखों पर काले ‘मास्क’ और गले पर बनी काली रिंग की वजह से आसानी से पहचाना जाता है। कॉमन रिंग्ड प्लोवर एक छोटा, गठीला तटीय पक्षी है। जिसकी पहचान उसकी नारंगी चोंच (सिरा काला) नारंगी पैर और गले में काली पट्टी से होती है। ये आर्कटिक यूरेशिया में प्रजनन करते हैं और सर्दियों में तटों व झीलों के पास रहते हैं। ये कीड़े-मकोड़े खाते हैं और बजरी में घोंसला बनाते हैं। राजस्थान में अब तक यह पक्षी केवल भरतपुर, सवाई माधौपुर और जैसलमेर में ही देखा गया था। अब धौलपुर प्रदेश का चौथा ऐसा जिला बन गया है जहां इस पक्षी की पुष्टि हुई है।

सामान्य पक्षियों के बीच पहचानना मुश्किल

आमतौर पर लिटिल रिंग्ड प्लोवर और केंटिश प्लोवर जैसे सामान्य पक्षियों के बीच इसे पहचानना बेहद मुश्किल होता है। धौलपुर में पाए जाने वाले स्थानीय प्लोवर पक्षियों की तुलना में इसमें कुछ खास अंतर है।

क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक कुमार मीणा और पर्यावरणविद बर्ड वॉचर सागर बघेला ने सर्वेक्षण के दौरान इस नन्हे मेहमान को हुसैन सागर बांध पर अन्य जलीय पक्षियों के बीच खोजा है। इसकी टांगें चटख नारंगी होती हैं और इसकी चोंच भी नारंगी रंग की होती है, जिसका अगला सिरा काला होता है। यह सामान्य लिटिल रिंग्ड प्लोवर से थोड़ा बड़ा और गठीला होता है और इसकी आंखों के चारों ओर पीला छल्ला नहीं होता।

अप्रेल माह वतन वापसी का समय

पक्षी विशेषज्ञों ने बताया कि अप्रेल का महीना इन पक्षियों की वतन वापसी का टाइम होता है। पहले यह पक्षी दक्षिण भारत की ओर रुख करते हैं उसके बाद यह पक्षी दक्षिण भारत से वापस आर्कटिक की ओर लौटते हैं। यही कारण है कि लौटते समय हुसैन सागर बांध पर ‘फ्यिूलिंग’ के लिए यह पक्षी रुका है। ये अक्सर अकेले या छोटे समूहों में रहते हैं।

हुसैन और उर्मिला सागर को वेटलैंड घोषित करने का भेजा प्रस्ताव

धौलपुर जिले के हुसैन सागर बांध पर इस अंतरराष्ट्रीय प्रवासी की उपस्थिति यह दर्शाती है कि धौलपुर के जल निकाय सेंट्रल एशियन फ्लाइवे (पक्षी मार्ग) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में वन विभाग ने हुसैन सागर और उर्मिला सागर को वेटलैंड घोषित करने के लिए प्रस्ताव बना विभाग को भेजा है।

कॉमन रिंग्ड प्लोवर : धौलपुर प्रदेश का चौथा जिला बना

जिले के हुसैन सागर बांध पर कॉमन रिंग्ड प्लोवर देखे गए हैं। अप्रेल माह इनकी वापसी का समय होता है, शायद बांध पर यह ‘फ्यिूलिंग’ के लिए रुका होगा। यह पक्षी अभी तक राजस्थान में जैसलमेर, सवाई माधौपुर और भरतपुर में देखा गया है। जिसके बाद अब यह धौलपुर में भी देखने को मिला है।
दीपक कुमार मीणा, क्षेत्रीय वन अधिकारी

Updated on:
18 May 2026 12:11 pm
Published on:
18 May 2026 12:03 pm