
Rajasthan News: किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देते फर्जी अभ्यर्थियों के वाकये तो सुनते आए हैं, लेकिन पहली बार विश्वविद्यालय परीक्षा में डमी परीक्षार्थी का मामला सामने आया हैं। गोविन्द गुरु जनजातीय विश्व विद्यालय परीक्षा नियंत्रक मनोज पंड्या ने बताया कि फ़िलहाल विश्वविद्यालय से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के 115 केन्द्रों पर बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम वर्ष और एमए, एमएससी, एमकॉम प्रीवियस की परीक्षाएं चल रही हैं।
मामला डूंगरपुर जिले के वागड़ महाविद्यालय बड़गी परीक्षा केंद्र का है, जहां केन्द्राधीक्षक डॉ दिनेश पाटीदार ने औचक निरीक्षण में परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थी की असामान्य हरकतों के देखते ही सघन जांच की। यहां मूल परीक्षार्थी के बजाय डमी कैंडिडेट ही एग्जाम दे रहा था। प्रकरण की जांच के बाद डमी परीक्षार्थी केस को नक़ल विरोधी कानून के तहत निकटवर्ती पुलिस थाने में दर्ज कराया गया। केन्द्राधीक्षक ने बताया कि वागड़ महाविद्यालय बड़गी पर गुरुवार शाम के सत्र में फर्स्ट ईयर साइंस का एग्जाम था।
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केंद्र पर मानस महाविद्यालय के विद्यार्थी विमल प्रकाश पारगी पुत्र शंकर लाल पारगी को परीक्षा देनी थी, जिसकी सीट पर कक्षा 11 वीं के विद्यार्थी देवीलाल पारगी पुत्र मणिलाल पारगी निवासी कोचरी बड़गी परीक्षा दे रहा था। प्रकरण को पुलिस प्रशासन और जीजीटीयू परीक्षा अनुभाग को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। जिस रोल नंबर पर डमी कैंडिडेट की ओर से परीक्षा देने का प्रकरण सामने आया है,उस रोल नंबर से दिए गए सभी पेपर की आंसरबुक की सघन संवीक्षा विषय विशेषज्ञ से कराई जाएगी। केंद्र से एग्जाम टाइम के सीसीटीवी मंगवाए जा रहे हैं।