
Illegal Petrol Sales : डूंगरपुर जिले में पेट्रोलियम पदार्थों के अवैध भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रसद विभाग की टीम ने गुरुवार को भंडारिया व माडा क्षेत्र में विभिन्न व्यावसायिक स्थलों का औचक निरीक्षण किया। जिला रसद अधिकारी के आदेश पर गठित टीम प्रवर्तन अधिकारी नीलेशकुमार खांट, प्रवर्तन निरीक्षक हिमांशु डामोर तथा प्रवर्तन निरीक्षक हर्षिल कोडिया ने फील्ड विजिट की। डूंगरपुर-सीमलवाड़ा रोड पर भंडारिया में एक चाय की दुकान एवं माडा स्थित एक जनरल स्टोर पर दबिश दी।
निरीक्षण के दौरान दुकान पर प्लास्टिक की बोतलों में बिक्री के लिए रखा गया ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) बरामद हुआ। मौके पर मौजूद दुकानदार ने अपनी पहचान के अन्य व्यक्ति की दुकान बताई। दुकान की जांच करने पर प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल पाया गया। अवैध भंडारण एवं बिक्री कर रहे दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी। साथ ही जिले के सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनी के सेल्स ऑफिसर एवं पेट्रोल पंप संचालकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए। किसी भी स्थिति में ग्राहकों को प्लास्टिक की बोतलों अथवा अन्य पात्रों में पेट्रोल का विक्रय न करें।
गौरतलब है कि पेट्रोल के भाव बढ़ने के बाद गांवों में प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल बेचा जाता है। इस पर एक जून को खबर प्रकाशित की थी। इस पर जिला कलक्टर देशलदान ने रसद विभाग की टीम को जिलेभर में औचक निरीक्षण करते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डूंगरपुर में एक अन्य खबर के अनुसार पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत वरदा पुलिस और डीएसटी ने हिराता गांव में एक खेत से पौधे और सूखा गांजा जब्त किया है। वरदा थानाधिकारी रिजवान खान ने बताया कि हिराता गांव के कोठारिया फला में थावरचंद पुत्र वेतात रोत के घर के पास खेतों में गांजे के पौधे उगाने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई करते हुए थावरचंद के खेतों में पहुंची।
वहां पर 558 ग्राम के गांजे के पौधे सुखाने के लिए रखे हुए थे। इसके अलावा खेत में 50 नग पौधे उगाए हुए थे। इसे उखाडकर वजन करने पर 4 किलो 210 ग्राम हुआ। पुलिस ने थावरचंद्र रोत को गिरफ्तार करते हुए अनुसंधान शुरू किया। गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए है।