
Rajasthan : डूंगरपुर के सागवाड़ा में चिकित्सा जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष एचओडी डॉ. राजेश रोत (42 वर्ष) की शनिवार रात सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर हुआ। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार वरदा थाना क्षेत्र के नौगामा निवासी भगवतीलाल पुत्र शिवराज रोत ने सागवाड़ा थाने में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि शनिवार को उसका छोटा भाई डॉ. राजेश रोत डूंगरपुर से अपने बच्चों से मिलने बांसवाड़ा जा रहा था। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच जब वह डूंगरपुर से बांसवाड़ा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर पंचाल पेट्रोल पंप आडिवाट जेठाणा के पास पहुंचा, उसी दौरान उसके आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन ने तेज गति, गफलत और लापरवाही पूर्वक चलाते हुए अचानक ब्रेक लगा दिए।
डॉ. राजेश रोत अपनी कार को सामान्य गति में चला रहे थे। आगे वाले वाहन द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें भी इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े, जिससे उनकी कार आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और डॉ. राजेश रोत को गंभीर चोटें आईं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से डॉ. राजेश रोत को गंभीर हालत में रात करीब 3 बजे सागवाड़ा के राजकीय चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस निरीक्षक मनीष खोईवाल ने बताया कि हादसा जेठाणा क्षेत्र में हुआ है। शव को मोर्चरी में रखवाया गया था। रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात वाहन के विरुद्ध तेज गति, गफलत और लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना कारित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
डॉ. राजेश रोत डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे और एक कुशल सर्जन के रूप में जाने जाते थे। उनकी पत्नी भी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एनेस्थीसिया विभाग में चिकित्सक हैं। डॉ. रोत मूलत: नौगामा, वरदा के रहने वाले थे।