
Dungarpur Fake Currency : डूंगरपुर नकली नोट बनाने की सामग्री के साथ आरोपी। फोटो पत्रिका
Dungarpur Fake Currency : डूंगरपुर जिले में जाली नोट बनाने के मामले का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस की जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल नकली नोट रैकेट का मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश का रहने वाला रवि प्रकाश मिश्रा निकला है, जो किराए के कमरे में बैठकर जाली नोट तैयार कर रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में अपनी तीन टीमें गठित कर दी हैं।
जांच अधिकारी रतनलाल ने बताया कि इस मामले में यूपी निवासी रवि प्रकाश मिश्रा मुख्य सरगना है, जो नकली नोट छापने का काम करता था। वहीं, उसके डूंगरपुर के स्थानीय सहयोगी भावेश और नयन उसे नोट छापने की सामग्री उपलब्ध करवाते थे। आरोपियों ने मास्टरमाइंड के लिए 13 सितंबर को एक कमरा किराए पर लिया था। इसके बाद 14 सितंबर को नोट छापने का सामान खरीदा गया।
रवि मिश्रा ने 15 सितंबर से जाली नोट छापने का काम शुरू किया और काम पूरा होने के बाद 28 सितंबर को वहां से फरार हो गया। जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड रवि मिश्रा ने नोट छापने की एवज में डेढ़ लाख रुपए असली नकदी की डिमांड की थी, जबकि इन जाली नोटों का आगे राहुल लबाना के साथ 2 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।
उल्लेखनीय है कि रामसागड़ा थाना पुलिस ने गत 30 सितंबर को माड़ा खेल मैदान के पास एक कार से 4,95,500 रुपए के जाली नोट बरामद किए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से शहर की विजयगंज कॉलोनी निवासी भावेश खटीक और नालंदा बंगलोज निवासी नयन जोशी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि माड़ा निवासी राहुल लबाना समेत मुख्य सरगना फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड रवि मिश्रा और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए तीन विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी बचे आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वहीं नयन जोशी ने पूछताछ में बताया था कि गर्लफ्रेंड को घुमाने-फिराने और उसके महंगे शौक पूरे करने और जल्द अमीर बनने की चाहत में नकली नोट का अवैध कारोबार शुरू किया था। एक बैंक खाता भी कथिततौर पर उसकी गर्लफ्रेंड के नाम से था। अब पुलिस जल्द ही आरोपी की गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ करेगी।
Updated on:
02 Oct 2026 08:07 pm
Published on:
02 Oct 2026 07:42 pm
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