
Dungarpur Nagar Parishad : नगरपरिषद डूंगरपुर में भाजपा ने लगातार आठवीं बार बोर्ड बनाने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही यह तीसरा मौका है जबकि निकाय की कमान महिला को मिली है। खास बात व संयोग यह भी है कि निकाय में जिस नाम की महिला को मौका मिला है, वो सुशीला ही है। वर्ष 2000 से 2005 व 2010 से 2015 तक सुशीला भील निकाय की मुखिया चुनी गई थी। इस बार सुशीला गुप्ता सभापति चुनी गई है। उल्लेखनीय है कि इस बार सभापति का पद अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व था।
डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति के पद को लेकर एक नया इतिहास भी इस बार बना है। सभापति की कुर्सी पर 2015 से 2020 तक केके गुप्ता बैठे, अब यहां सभापति उनकी पत्नी सुशीला गुप्ता है। गुप्ता ने अपने कार्यकाल में स्वच्छता सहित अन्य मामलों में कई विकास कार्य किए, जो जनता के बीच चर्चित रहे। यहीं कारण रहा कि इस बार उनकी पत्नी को भाजपा से टिकट मिलने के बाद जनता का भी समर्थन मिला। उल्लेखनीय है कि केके गुप्ता पूर्व में शंकरसिंह सौलंकी जब चैयरमेन थे, तब उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। गुप्ता वर्तमान में स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर है।
वर्ष - चेयरमेन
1990-95 शंकर सिंह सौलंकी
1995-2000 गुरुप्रसाद पटेल
2000-2005 सुशीला भील
2005-2010 शंकर सिंह सौलंकी
2010-2015 सुशीला भील
2015-2020 केके गुप्ता
2021-2026 अमृत कलासुआ
2026 से सुशीला गुप्ता।