
Cyber Fraud : साइबर क्राइम के खिलाफ डूंगरपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दुबई से देशभर में 160 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी का जाल बिछाने वाले शातिर आरोपी घनश्याम कलाल पुत्र नरेंद्र कलाल को पुलिस ने उदयपुर के बलीचा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उपाधीक्षक हंसाराम चौधरी ने बताया कि आरोपी डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा का निवासी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी दुबई से बैंकॉक, नेपाल और भूटान के रास्ते असम व केरल होते हुए राजस्थान लौट रहा है। मुखबिर की जानकारी पर पुलिस टीम ने उदयपुर के बलीचा में दबिश देकर उसे धर दबोचा।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर आम लोगों और कॉलेज छात्रों को निशाना बनाता था। लोगों को सरकारी योजनाएं दिलाने और फ्री पैन कार्ड बनवाने का लालच दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए बैंक कर्मचारी कौशल प्रजापत खुद आरोपी के साथ जाता था।
खाता खुलते ही पासबुक, एटीएम और बैंक किट आरोपी अपने पास रख लेते थे। ये खाते और बैंक किट गल्फ देशों में बैठे बड़े साइबर ठगों को बेच दिए जाते थे। ठगी की राशि इन्हीं खातों में ट्रांसफर होती थी, जिसे स्थानीय ठग बैंक से निकालकर गल्फ देशों के ठगों तक पहुंचाते थे और बदले में मोटा कमीशन पाते थे।
मामले की शुरुआत 2 अलग-अलग पीड़ितों की शिकायतों से हुई थी। डूंगरपुर के धंबोला बांसिया निवासी लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दी थी कि विक्रम मालीवाड़ा और उसके साथियों ने फ्री पैन कार्ड का झांसा देकर खाता खुलवाया और बैंक किट रख लिया था। इस अकेले खाते से 81.69 लाख का अवैध लेन-देन किया गया।
पुलिस इस मामले में बैंक कर्मी कौशल कुम्हार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एक अन्य पीडि़त सागवाड़ा निवासी अशोक डांगी की शिकायत पर जांच की गई, जिसमें नीलेश उर्फ नरेश कलाल ने खाता खुलवाकर 11.88 लाख का संदिग्ध लेन-देन किया था। पुलिस ने नीलेश को भी गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने अब तक 450 से अधिक लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर देशभर में 160 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेरा-फेरी की है। इस पूरे मामले में घनश्याम कलाल से पहले 4 अन्य आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में पुलिस निरीक्षक मुकेश मेघवाल, एएसआई छत्तर सिंह, कांस्टेबल अभिषेक और सत्येंद्र शामिल रहे। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े खुलासों की उम्मीद है।