
Dungarpur Swine Flu : डूंगरपुर जिले में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद अब एक और महिला मरीज की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही डूंगरपुर जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या तीन हो गई है। हालांकि महिला का उपचार उदयपुर के चिकित्सालय में होने के बाद फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड़ पर हैं।
बीसीएमएचओ राहुल जैन ने बताया कि टाड़ी ओबरी निवासी 24 वर्षीय महिला अपने पीहर, परसाद, उदयपुर गई हुई थी। इस दौरान उसे सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत हुई। इसके बाद उसका भाई उसे उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय लेकर गया। यहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू और कोविड की जांच करवाई। जांच में महिला स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद उसे उदयपुर चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। उपचार के बाद सोमवार को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल वह स्वस्थ्य है और वह अपने पीहर में ही है।
इससे पहले जिले में 2 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें एक मरीज करीब 80 वर्षीय वृद्ध और दूसरा 56 वर्षीय व्यक्ति है। चिकित्सा अधीक्षक महेंद्र कुमार डामोर ने बताया कि शहर निवासी एक व्यक्ति को सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी की शिकायत होने पर एक सितंबर को चिकित्सकीय परामर्श लिया। चिकित्सक ने उसे अस्पताल में भर्ती किया।
वहीं, बिछीवाड़ा क्षेत्र के बोखला का एक वृद्ध भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ। दोनों मरीजों के कोविड-19 और स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल जांच के लिए जयपुर लैब भेजे गए। रविवार को दोनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें दोनों मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 80 वर्षीय वृद्ध को बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया। वहीं, दूसरा मरीज डूंगरपुर अस्पताल में उपचाररत है।
राजस्थान में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि जनवरी 2026 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 146 मामले सामने आए हैं। गायत्री राठौड़ ने बताया कि एच1एन1 वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा एक श्वसन संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं।
अधिकांश मरीज उचित देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें। हाथों को साबुन-पानी से बार-बार अच्छी तरह धोएं या हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर मास्क पहनें। पर्याप्त आराम करें, तरल पदार्थों का सेवन करें तथा चिकित्सकीय सलाह के बिना कोई दवा न लें।