
डूंगरपुर। जिले के साबला क्षेत्र में बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब तीन घंटे तक हुई तेज बारिश से उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर भारी जलभराव हो गया। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से हाईवे ने नदी का रूप ले लिया और कई वाहन पानी में फंस गए। कुछ कारें तो पानी में लगभग डूबने की स्थिति में पहुंच गईं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने फंसे वाहनों को धक्का देकर बाहर निकाला। जलभराव के कारण हाईवे पर करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रूट डायवर्ट कर यातायात को सुचारू कराया।
क्षेत्र में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को बुधवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई बारिश से राहत मिली। शुरुआत में रिमझिम बारिश के बाद तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लगातार करीब तीन घंटे तक हुई बारिश से खेत-खलिहान, तालाब और नाले पानी से भर गए। तेज बारिश के कारण उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर जगह-जगह पानी जमा हो गया।
हाईवे पर पानी का स्तर बढ़ने से वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। कई वाहन पानी के बीच फंस गए और कुछ कारों के पानी में डूबने जैसी स्थिति बन गई। बारिश के बीच सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फंसे वाहनों को धक्का देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की।
ग्रामीणों का कहना है कि उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर अतिक्रमण बढ़ने के साथ ही पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि बारिश होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है। जलभराव के कारण दुपहिया वाहन चालकों और स्कूली विद्यार्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
जलभराव की सूचना मिलने पर थाना अधिकारी प्रदीप बिट्टू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। यातायात को नियंत्रित करने के लिए हाईवे पर बेरिकेड्स लगाए गए और वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया। वाहनों को खोडियार माताजी मार्ग से मावजी चौराहा होते हुए बाजार के पुराने रास्ते से बेणेश्वर मोड़ की ओर निकाला गया। इससे कुछ समय बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
हाईवे के आसपास जल निकासी नहीं होने का असर व्यापारियों पर भी पड़ा। सड़क किनारे स्थित कई गोदामों में बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता सताने लगी। दूसरी ओर खेतों में पानी भरने और तालाब-नालों में पानी की आवक बढ़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, बारिश के साथ सामने आई जल निकासी की समस्या ने आमजन और व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ा दी।