Dungarpur Mock Drill: देश में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों का आकलन करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान सरकार के निर्देश पर शुक्रवार को डूंगरपुर में मॉक ड्रिल की गई।
Dungarpur Mock Drill: देश में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों का आकलन करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान सरकार के निर्देश पर शुक्रवार को डूंगरपुर में मॉक ड्रिल की गई। रात में ब्लैक आउट के लिए आपातकालीन सायरन की आवाज सुनते ही रात 8:00 बजे से 8.10 बजे तक सभी निजी और सार्वजनिक संस्थानों, घरों की रोशनी, रोड लाइट, परिवहन साधनों द्वारा रोशनी बंद रखकर राष्ट्रीय सुरक्षा के अभ्यास में अपना योगदान दिया।
मॉक ड्रिल के दौरान मुख्य रूप से गेप सागर की पाल के समीप हवाई हमले की सूचना दी गई। हमले में 8 जने घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल उपचार के दौरान पहुंचाने, पीड़ितों के बचाव सहित अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की कार्रवाई की गई।
इस दौरान प्रशासन के साथ नागरिक सुरक्षा, पुलिस, होमगार्ड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर परिषद, पेयजल और विद्युत विभाग, स्काउट गाइड स्वयंसेवकों के साथ ही अन्य विभागों की टीमें पहुंची एवं बचाव-राहत कार्य शुरू किए। इस मौके पर जिला कलक्टर देशलदान एवं एसपी मनीष कुमार ने बताया कि सभी विभागों की मुस्तैदी जांची गई। विभागों में बेहतर समन्वय सामने आया हैं।
ये दिए निर्देश?: नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से अपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर दें।
सख्त हिदायत: ड्रिल के दौरान मोबाइल टॉर्च, मोमबत्ती या अन्य किसी भी प्रकाश उत्पन्न करने वाले उपकरण का उपयोग न करने के लिए लोगों को पाबंद किया गया।
आपातकालीन तैयारी: यदि भविष्य में कभी युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थिति बनती है, तो नागरिकों को अंधेरे में सुरक्षित रहने का अनुभव रहे।
सुरक्षा ऑडिट: बिजली बंद होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली कैसी रहती है, इसका परीक्षण करना।
जन-जागरूकता: लोगों को यह समझाना कि सुरक्षा केवल वर्दीधारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
जिला कलक्टर देशलदान ने ब्लैक आउट से पूर्व लोगों से 10 मिनट के इस अंधेरे के दौरान अफवाहों से बचने की अपील की थी। 'मॉक ड्रिल' सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए की गई और आमजन ने एक जागरूक प्रहरी की भांति प्रशासन का सहयोग किया जिससे यह ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।
इस 10 मिनट की अवधि के दौरान पूरे जिले में पुलिस गश्त बढ़ाई गई। आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल, दमकल आदि) को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में पूर्ण ब्लैक आउट रखा गया। इस दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम रहे।