ACB Trap : आरोपियों ने एक युवक को लोकेन्टो, ऑनलाइन गेम के जरिए ठगी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसकी जिंदगी बर्बाद करने का डर दिखाया था।
Dungarpur Police Bribe Case: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाने में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक युवक को लोकेन्टो, ऑनलाइन गेम के जरिए ठगी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसकी जिंदगी बर्बाद करने का डर दिखाया था।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 जनवरी को नयागांव में पुलिस की एक गाड़ी उसके पास रुकी। गाड़ी में सवार पुलिसकर्मियों ने परिवादी का मोबाइल छीन लिया और उसे चेक करने का नाटक करते हुए कहा कि, तू ऑनलाइन गेम खेलकर लोगों से ठगी करता है, तेरे मोबाइल में कई संदिग्ध लेन-देन हैं।, इसके बाद उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर दोवड़ा थाने ले जाने लगे।
रास्ते में कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल ने अपना नाम बताते हुए परिवादी को डराया कि थाने में सीआई साहब भी अपने ही हैं यानी स्वजातीय ही हैं। उसने कहा कि अगर मुकदमा दर्ज हो गया तो महीनों जमानत नहीं होगी। उसने मोबाइल वापस करने और मुकदमा न दर्ज करने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की। डरे हुए परिवादी को वागदरी के पास उतार दिया गया और मोबाइल अपने पास ही रख लिया।
जब परिवादी के भाई ने कांस्टेबल से बात की, तो उसने फोन पर चर्चा करने से मना कर दिया और थाने आकर मिलने को कहा। परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी का दरवाजा खटखटाया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 28 जनवरी को शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें हेड कांस्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल 1.50 लाख रुपये लेने पर सहमत हुए।
बुधवार को रतन सिंह राजपुरोहित, पुलिस उप अधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की राशि थामी, एसीबी टीम ने उन्हें दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वत के नोट बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।