डूंगरपुर

Rajasthan School : सीएसजी पर शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों के संस्था प्रधान हैरान, अब क्या करें?

Rajasthan School : राजस्थान में कम्पोजिट स्कूल ग्रांट (सीएसजी) को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। पर इस फैसले की वजह से जहां स्कूलों के संस्था प्रधान राहत महसूस कर रह हैं, वहीं हैरान भी है कि अब क्या करें?

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फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan School : समग्र शिक्षा अभियान के तहत राजकीय विद्यालयों को दी जाने वाली कम्पोजिट स्कूल ग्रांट (सीएसजी) को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर आखिरकार विराम लग गया है। राजस्थान पत्रिका की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और सत्र 2025-26 के अंतिम चरण में ही ग्रांट जारी कर दी गई।

हालांकि, अब विद्यालयों के सामने सीमित समय में राशि खर्च करने और उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) भेजने की चुनौती खड़ी गई है। प्रदेशभर के 50,318 विद्यालयों के लिए 11,843.300 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है, वहीं डूंगरपुर जिले के 478 विद्यालयों को 320.200 लाख रुपए मंजूर हुए हैं।

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यह राशि यू डाइस 2023-24 के नामांकन के आधार पर वितरित की गई है, जिसमें प्रति विद्यालय 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का प्रावधान किया गया है। अब राशि तो जारी कर दी गई है पर समय कम है।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 12 मार्च के डूंगरपुर संस्करण में "नया सत्र 20 दिन बाद होगा शुरू, इस शिक्षा सत्र के बजट का ठिकाना नहीं" शीर्षक से खबर प्रकाशित कर कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में हो रही देरी को प्रमुखता से उठाया था।

इसे देखते हुए राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने खर्च की समय सीमा 15 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की है।

नामांकन के आधार पर आवंटित हुई राशि

1 से 30 विद्यार्थी : ₹ 10,000
31 से 100 विद्यार्थी : ₹ 25,000
101 से 250 विद्यार्थी : ₹ 50,000
251 से 1000 विद्यार्थी : ₹ 75,000
1000 से अधिक विद्यार्थी : ₹ 1,00,000।

स्वच्छता पर खर्च अनिवार्य

ग्रांट के उपयोग को लेकर विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कुल राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा दरी-पट्टी, स्टेशनरी, पेयजल व्यवस्था, चॉक-डस्टर, पत्र पत्रिकाएं, बिजली बिल, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रख-रखाव, शौचालय मरम्मत और कचरा प्रबंधन जैसे आवश्यक कार्यों में ही राशि खर्च की जा सकेगी।

वहीं फर्नीचर खरीद, उत्सव आयोजन, फोटो एवं जलपान जैसे मदों पर खर्च पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी खरीद प्रक्रियाएं एसएमसी एसडीएमसी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए गए है।

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Published on:
28 Mar 2026 01:42 pm
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