Rajasthan Summer Vacation : डूंगरपुर में महासंघ ने राजस्थान के शिक्षा विभाग को ग्रीष्मावकाश में शिक्षकों को विभागीय सूचनाओं के संकलन और अन्य औपचारिक कार्यों के लिए परेशान न करने की मांग की है।
Rajasthan Summer Vacation : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षकों को विभागीय सूचनाओं के संकलन और अन्य औपचारिक कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न करने की मांग की है। महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषिन चौबीसा, जिला अध्यक्ष शंकरलाल कटारा, जिला मंत्री सुदर्शन सिंह चौहान एवं जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों में 17 मई से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में संस्थाप्रधान और शिक्षक अपने गृह निवास अथवा गृह जिले में रहकर अवकाश का उपयोग करते हैं।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रीष्मावकाश के दौरान कई बार विभागीय कार्यालयों द्वारा विभिन्न प्रकार की सूचनाएं एवं आंकड़ें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाते हैं। इन निर्देशों के कारण शिक्षकों एवं संस्थाप्रधानों को अनावश्यक रूप से मुख्यालय पर उपस्थित होना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
महासंघ ने इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश महत्त्वपूर्ण जानकारियां पहले से ही शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में, विभागीय अधिकारियों को उन्हीं पोर्टल से आवश्यक सूचनाओं का संकलन करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, महासंघ ने यह भी मांग की है कि यदि किसी विशेष सूचना का संकलन अत्यंत आवश्यक हो और वह पोर्टल पर उपलब्ध न हो, तो संबंधित कार्मिकों को नियमानुसार उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने की अभिशंषा के साथ लिखित आदेश जारी किए जाए।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अब शिक्षक और शिक्षा विभाग के अन्य कार्मिक ग्रीष्मावकाश के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय पर उपस्थित रहने और मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ड्यूटी पर बुलाया जा सके।
दरअसल, राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित प्राध्यापक, प्राध्यापक कृषि एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन 31 मई से 5 जून तक होना है। यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा विभाग के जरिए कराई जाएगी। परीक्षा संचालन में बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगनी है। इसी को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अधीनस्थ कार्मिकों को पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं।