डूंगरपुर

PM Kusum Yojana : फ्री सोलर पंप से डूंगरपुर के जनजाति किसानों के जीवन में आया बड़ा बदलाव, बिजली संकट हुआ दूर

PM Kusum Yojana : डूंगरपुर जिले में प्रधानमंत्री कुसुम योजना से जनजाति किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नि:शुल्क सोलर पंप मिलने से अब किसानों को बिजली संकट से मुक्ति मिल गई है। जानें योजना।

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डूंगरपुर. किसान के खेत में लगा सोलर पम्प। फोटो पत्रिका

PM Kusum Yojana : डूंगरपुर जिले में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत जनजाति किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नि:शुल्क सोलर पंप मिलने से अब किसानों को बिजली संकट से मुक्ति मिल गई है और खेतों में सिंचाई सुगम होने से फसलें लहलहाने लगी हैं। पिछले दो वर्षों में जिले के 1168 जनजाति कृषकों को सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विशेष रूप से गर्मी के मौसम में, जब तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब भी किसानों को निर्बाध बिजली मिल रही है और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उद्यानिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में 239 सोलर पंप स्थापित किए गए, जिनमें 229 जनजाति किसान लाभान्वित हुए। वहीं वर्ष 2025-26 में 980 पंप लगाए गए, जिनमें 939 जनजाति किसानों को फायदा मिला। इस तरह कुल 1168 जनजाति किसान योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। वर्तमान में 2 हजार से अधिक किसान योजना का लाभ लेने के लिए संपर्क में हैं। सरकार से नए लक्ष्य मिलने पर इन्हें भी सोलर पंप से जोड़ा जाएगा।

अतिरिक्त अनुदान से आर्थिक राहत

कुसुम योजना (बी) के तहत सामान्य श्रेणी के किसानों को सोलर पंप के लिए खुद अंशदान करना पड़ता है।
3 एचपी पंप : 96,770 रुपए
5 एचपी पंप : 1,23,657 रुपए
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए राशि
3 एचपी: 51,770 रुपए
5 एचपी: 78,656 रुपए

योजना हो गई निशुल्क

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 45,000 रुपए अनुदान तथा टीएडी के माध्यम से 6,000 की सहायता मिलने से जनजाति किसानों के लिए यह योजना पूरी तरह नि:शुल्क हो गई है।

क्या कहते हैं किसान

केस-1
किसान केशु (साबला) ने बताया कि अब उन्हें रात में सिंचाई नहीं करनी पड़ती और बिजली बिल से भी छुटकारा मिल गया है। जंगली जानवरों का भय भी खत्म हो गया।
केस-2
भोगीलाल परमार (दोवड़ा) ने कहा कि 5 एचपी सोलर पंप मिलने से सब्जी खेती में बड़ा फायदा हुआ है। पहले बिजली कटौती से सिंचाई नही हो पाती थी। डीजल पंप से आर्थिक नुकसान होता था।
केस-3
विमल प्रकाश परमार (रागेला) ने बताया कि 5 एचपी का निशुल्क सोलर पंप से इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है।

Published on:
23 Apr 2026 10:45 am