Rajasthan Roadways : बांसवाड़ा डिपो की ओर से उदयपुर, अहमदाबाद एवं दाहोद के लिए महत्वपूर्ण बस प्रारंभ हो गई है जिनका लाभ डूंगरपुर जिले के यात्री भी उठा पाएंगे।
Rajasthan Roadways : बांसवाड़ा डिपो की ओर से उदयपुर, अहमदाबाद एवं दाहोद के लिए महत्वपूर्ण बस प्रारंभ की गई है जिनका लाभ डूंगरपुर जिले के यात्री भी उठा पाएंगे। सागवाड़ा बस स्टैंड प्रभारी धर्मेश पंड्या ने बताया कि बांसवाड़ा डिपो ने उदयपुर के लिए सेवा प्रारंभ की है। यह बस सुबह 8.45 बजे बांसवाड़ा से रवाना होकर 11 बजे सागवाड़ा व आसपुर, सलूम्बर, जयसमन्द होकर दोपहर 2.30 बजे उदयपुर पहुंचती है। वापसी में यह बस उदयपुर से 3 बजे रवाना होकर जयसमन्द, सलूम्बर, आसपुर होकर शाम 6 बजे सागवाड़ा एवं गढ़ी, परतापुर होकर बांसवाड़ा जाती है।
बांसवाड़ा डिपो की ओर से अहमदाबाद के लिए बस प्रारंभ की गई है। बस बांसवाड़ा से रात 8.30 बजे रवाना होकर परतापुर एवं गढ़ी होकर रात 10 बजे सागवाड़ा पहुंचती है। यह बस डूंगरपुर एवं रतनपुर होकर होकर सुबह 3.30 बजे अहमदाबाद पहुंचती है। वापसी में यह बस सुबह 6 बजे रवाना होकर 11.30 बजे सागवाड़ा एवं बढ़ी परतापुर होकर बांसवाड़ा पहुंचती है।
इसी तरह एक बस बांसवाड़ा से दाहोद के लिए प्रारंभ की गई है। बांसवाड़ा से सुबह 5 बजे रवाना होकर 6.30 सागवाड़ा एवं गलियाकोट आनन्दपुरी होकर दाहोद पहुंचती है। वापसी में यह बस सुबह 11.30 बजे रवाना होकर 3.30 बजे सागवाड़ा पहुंचती है। यह बस सागवाड़ा से गढ़ी व परतापुर होकर बांसवाड़ा तक जाती है।
सागवाड़ा एवं आस-पास के गांवों के यात्रियों को शाम के समय उदयपुर एवं जयपुर जाने में परेशानी उठानी पड़ रही था। यात्रियों को शाम के समय रोडवेज बस नहीं होने से प्राइवेट बसों में ज्यादा पैसा देकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा था। सागवाड़ा से जयपुर के लिए करीब 7 बसें प्राइवेट संचालित की जा रही हैं जबकि जयपुर के लिए एक भी रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है। इसी तरह पूर्व में सूरत एवं मुंबई के लिए रोडवेज बसें संचालित थी जिन्हे अकारण ही बन्द कर दिया गया था। यात्रियों ने डूंगरपुर डिपो एवं जयपुर डिलक्स डिपो से जयपुर, सूरत एवं मुंबई के लिए रोडवेज बस प्रारंभ करने की मांग की है।
वहीं दूसरी तरफ डूंगरपुर डिपो की रोडवेज बसों की बदहाली का खामियाजा एक बार फिर आम यात्रियों को भुगतना पड़ा। सोमवार शाम डूंगरपुर से पीठ की ओर जाने वाली अंतिम बस करावाडा बस स्टैंड पर अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही खड़ी हो गई। रात के समय बस खराब होने से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और दैनिक यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह बस शाम 6 बजे डूंगरपुर से प्रस्थान कर रात 7.30 बजे पीठ पहुंचती है। करावाडा के बाद यह बस गड़ावाटेश्वर, नानोडा, धम्बोला, सीमलवाड़ा और पीठ सहित कई गांवों के यात्रियों के लिए आवागमन का एकमात्र अंतिम साधन थी। बस के खराब होने के बाद काफी देर तक जब वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई, तो यात्री मजबूरन जैसे-तैसे निजी वाहनों और अन्य साधनों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
ग्रामीणों ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के अन्य डिपो को नई बसें आवंटित की गई हैं, लेकिन डूंगरपुर डिपो को मात्र दो नई बसें ही मिल पाई हैं। डिपो में बसों की कमी और पुरानी बसों के सही रखरखाव न होने के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा काफी मशक्कत के बाद पौने आठ बजे बस को दुरुस्त किया गया, जिसके बाद वह आगे के लिए रवाना हो सकी।