Ram Navami : राजस्थान के इस जिले में एक अनोखा राम मंदिर है। जिसके चांदी के कपाट पर संपूर्ण रामायण चित्रित है। भीलूड़ा का रघुनाथजी मंदिर शिल्प कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। राम नवमी के अवसर पर जानिए इस मंदिर के बारे में।
Ram Navami : डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड मुख्यालय से 8 किमी की दूरी पर भीलूड़ा गांव स्थित है। गांव में प्राचीन रघुनाथजी का मंदिर है। यहां रामनवमी, दीपावली, नववर्ष एवं रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होते है। रामनवमी पर विभिन्न आयोजन होंगे। मंदिर का सभा मंडप 18 स्तंभों पर टिका हुआ है। आकर्षक झरोखे हैं। देवालय के ऊपर गर्भ गृह में 5 फीट ऊंची श्याम रंग की भगवान रघुनाथ जी की विशाल प्रतिमा स्थापित है। यह शिल्प कला का उत्कृष्ट नमूना है।
भगवान रघुनाथ की प्रतिमा के एक हाथ में धनुष और दूसरे में तीर थमा हुआ है। निकट सीता एवं लक्ष्मण की प्रतिमाएं हैं। गर्भगृह में भगवान लक्ष्मीनारायण की भी एक कलात्मक प्रतिमा स्थापित है। भगवान रघुनाथ की प्रतिमा का मुख कुछ झुका हुआ है। जिससे यह प्रतिमा भगवान राम और कृष्ण दोनों का ही अवतार हो जैसी नजर आती है।
देवालय के गर्भगृह में मुख्य द्वार पर चांदी का कवर है, जिस पर अलग-अलग खंडों में रामायण कालीन राम दरबार, शिव लीला, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, पंचवटी सीता हरण, वाली सुग्रीव युद्ध, हनुमानजी का लंका गमन, अशोक वाटिका, लंका दहन, रावण की सभा में अंगद तथा राम रावण युद्ध के कलात्मक चित्र अंकित है।
इन चित्रों का अंकन सागवाड़ा के शंकरलाल वलद जोताराम माधवलाल पंचाल ने किया था। मंदिर परिसर में मुख्य देवालय के निकट ही हनुमानजी, गणपति, सूर्यनारायण और महादेव के कलात्मक देवालय भी स्थित है।
मंदिर में रामनवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त की मंगल आरती के साथ ही यहां दर्शनार्थियों का सैलाब उमड़ाता है। दोपहर 12 बजे राम जन्मोत्सव के समय भक्त रघुनाथ जी की मूर्ति की एक झलक पाने को लालायित हो उठते हैं। रघुनाथजी के बाल, युवा और प्रौढ़ रूप की झांकियां के दर्शन कराए जाते हैं।
पूरे दिन भजन मंडली भजन कीर्तन करती हैं। मंदिर पुजारी भगवान रघुनाथजी का आकर्षक मनोहारी श्रृंगार करते हैं। रामनवमी पर यहां वागड़ के अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के राम भक्त भी दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर श्री लक्ष्मण देवस्थान निधि ट्रस्ट डूंगरपुर के अधीन होने से रखरखाव उनके द्वारा किया जाता है।
डूंगरपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर पहाड़ों की नगरी में उत्साह का माहौल है। सनातन धर्मावलंबियों द्वारा उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों को आकर्षक रंगोली और भगवा ध्वजों से सजा दिया गया है।
बादल महल से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष प्रकाश भट्ट ने बताया कि रामनवमी के उपलक्ष्य में गुरुवार को बादल महल में विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शोभायात्रा में इस बार भव्यता का विशेष ध्यान रखा गया है। राम दरबार और भगवान कृष्ण की मनोहर झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शोभायात्रा में 21 अश्व, 9 बग्घियां और डीजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालु शामिल होंगे। गेपसागर की पाल पर शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और श्रीनाथजी की भव्य झांकियां सजाई जाएंगी।
शहर के युवाओं और युवतियों ने अपनी कला से सड़कों को सजा दिया है। पुराना हॉस्पिटल से तहसील चौराहा तक सड़क पर पेंट से भव्य रंगोली तैयार की गई है। पूरे शहर को भगवा पताकों से पाट दिया गया है और विभिन्न समाजों द्वारा जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए हैं। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से अल्पाहार और शीतल जल की व्यवस्था भी की गई है।