23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mid Day Meal : डूंगरपुर के स्कूलों में 3 माह से नहीं पहुंचा मिड डे मील का खाद्यान्न, नए सत्र से पहले संकट शुरू

Mid Day Meal : राजस्थान सरकार की ओर से 1 अप्रेल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा रहा है। वहीं नए सत्र शुरू होने से पहले ही स्कूलों में संकट शुरू हो गया है। स्कूलों में तीन माह का राशन अभी तक नहीं पहुंचा है।

2 min read
Google source verification
Dungarpur schools have not reached Mid-day meal food grains last three months Trouble begins before new season

फाइल फोटो पत्रिका

Mid Day Meal : राजस्थान सरकार की ओर से 1 अप्रेल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू कर नामांकन बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी हैं, वहीं दूसरी ओर जिले के सरकारी स्कूल में त्रैमासिक मिड-डे-मील का खाद्यान्न ही नही पहुंचा है। ऐसे में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही मिड-डे-मील योजना में बच्चों को भोजन कराना सबसे बड़ी चुनौती भी होगी।

दरअसल डूंगरपुर जिले की 2243 सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना संचालित करने के लिए त्रैमासिक खाद्यान्न का एडवांस वितरण करना पड़ता है। इसके लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर रखी है। जो खाद्यान्न वितरण और परिवहन का कार्य संभालती है।

कमेटी की ओर से मॉनिटरिंग में कमी के चलते खाद्यान्न परिवहन की व्यवस्थाओं में ढिलाई बरती जा रही हैं। अभी तक जिले की अधिकांश स्कूलों में जनवरी, फरवरी और मार्च का खाद्यान्न नहीं पहुंचा है। वहीं अप्रेल के एडवांस खाद्यान्न का उठाव भी नही हुआ है।

यहां भी उठ रहे सवाल

मिड-डे-मील परिवहन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित है। कमेटी में जिला कलेक्टर, रसद अधिकारी, परिवहन, शिक्षा, एकाउंट और कॉपरेटिव से जुडे अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया फरवरी 2026 में आमंत्रित की थी। इस टेंडर में कुल पांच फर्म ने आवेदन किया था। दो ही फर्म तकनीकी रूप से सही थी। प्रक्रिया के बाद एक फर्म को तकनीकी व प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक जिला प्रशासन की ओर से वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया हैं, जिससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

9 हजार कट्टे गेहूं और चावल लेप्स होने की कगार पर

वर्ष 2025-26 के लिए बांसवाड़ा के भूंगडा की एक फर्म को कार्यभार दिया गया था। फर्म को जनवरी, फरवरी और मार्च का कुल 5839.60 क्विंटल गेहूं और 3456.80 क्विंटल चावल का उठाव एफसीआई गोदाम से करके सरकारी स्कूलों में पहुंचाने के निर्देश टेंडर के अधीन थे। ठेकेदार की ओर से गेहूं के 3152 और चावल के 1330 क्विंटल उठाव किया है। अभी भी गेहूं में 2487.60 और चावल का 2126.80 क्विंटल उठाव बाकी है।

करीब 9 हजार कट्टे अभी तक एफसीआई के गोदाम से नहीं उठाए है। जबकि तिथि 15 मार्च थी। इधर, नई फर्म को वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने से भी चिखली, साबला, झौथरी, सीमलवाडा और सागवाड़ा क्षेत्र की स्कूलों में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो रहा है।

जिला रसद अधिकारी डूंगरपुर की सफाई

ठेकेदार को पाबंद किया जाएगा कि अगले सप्ताह एफसीआई गोदाम में पड़ा खाद्यान्न का उठाव कर स्कूल तक पहुंचाए। किसी भी स्कूल में खाद्यान्न का संकट नहीं आने देंगे। वहीं इसी सप्ताह नए ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी कर एडवांस खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ओमप्रकाश जोथर, जिला रसद अधिकारी डूंगरपुर