साबला क्षेत्र में एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब अपने इकलौते बेटे के सिर पर सेहरा सजाने का सपना संजोए घर लौट रहे माता-पिता सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में होने वाले दूल्हे की मां की मौके पर ही मौत हो गई।
डूंगरपुर। साबला क्षेत्र में एक खुशहाल परिवार की जिंदगी उस समय बिखर गई, जब बेटे की शादी की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अपने इकलौते बेटे के सिर पर सेहरा सजाने का सपना लेकर पैतृक गांव लौट रहे माता-पिता दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में होने वाले दूल्हे की मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से बोडीगामा छोटा निवासी और वर्तमान में इंदौर में रह रहे मनोहर पंड्या अपनी पत्नी नीता पंड्या के साथ कार से अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। उनके इकलौते पुत्र यश उर्फ भावेश पंड्या का विवाह 24 अप्रैल को होना तय था। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और घर में खुशियों का माहौल था। रिश्तेदारों को निमंत्रण देने और शादी की बाकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मनोहर और नीता इंदौर से गांव के लिए रवाना हुए थे।
बताया जा रहा है कि इंदौर से सफर शुरू करने के करीब 30 किलोमीटर बाद ही उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में नीता पंड्या ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मनोहर पंड्या गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
इधर, शुक्रवार को जब नीता पंड्या का शव गांव पहुंचा तो पूरे माहौल में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी के गीत गूंजने वाले थे, वहां चीख-पुकार सुनाई देने लगी। होने वाला दूल्हा भी मां की असमय मौत से गहरे सदमे में है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनोहर पंड्या लंबे समय से इंदौर में व्यवसाय करते हैं और परिवार के साथ वहीं रहते थे। बेटे की शादी को लेकर पूरा परिवार बेहद उत्साहित था, लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियों को पल भर में छीन लिया। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और शोक व्यक्त कर रहा है।