
rajasthan kota news
राजस्थान की कोचिंग सिटी और औद्योगिक नगरी कोटा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कोटा की अतिरिक्त सत्र न्यायालय (महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम-1) की न्यायाधीश श्वेता शर्मा ने इस्तियाक हुसैन उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए सभी 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला इसलिए भी दुर्लभ है क्योंकि इसमें सजा पाने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं और सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
घटना कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र की बॉम्बे योजना कॉलोनी की है। विवाद की शुरुआत महज एक बकरे की खरीद-बिक्री के विवाद से हुई थी। 31 अगस्त 2018 की दोपहर में मृतक के मामा अब्दुल अजीज और पड़ोसी रमजानी के बीच झगड़ा हुआ था। उसी रात करीब 8:30 बजे जब इस्तियाक हुसैन (गुड्डू) अपने मामा के घर गया, तभी घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, रमजानी मोहम्मद, उसका बेटा मुख्तार और अन्य करीब 15-20 लोग हाथों में चाकू, धारदार हथियार और लकड़ियां लेकर आए थे। जहीर, शाहरुख और मुबारक ने इस्तियाक पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस हमले में इस्तियाक बुरी तरह जख्मी हो गया और अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष ने कड़ी मेहनत की। कोर्ट के सामने:
कोर्ट ने बॉम्बे योजना और लाडपुरा क्षेत्र के रहने वाले इन 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी:
राजस्थान में इस फैसले को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसक होने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले तत्वों के लिए यह फैसला एक सबक है। कोटा में एक साथ 12 लोगों को उम्रकैद मिलना यह साबित करता है कि साक्ष्यों के आधार पर न्याय प्रणाली कितनी सशक्त है।
Updated on:
03 Apr 2026 02:05 pm
Published on:
03 Apr 2026 02:05 pm
