
डूंगरपुर। सागवाड़ा ग्राम पंचायत गोवाड़ी के सरपंच चुनाव ने शनिवार रात को प्रशासन की नींद उड़ा दी। सरपंच पद के लिए मतगणना में गड़बड़ी के चलते एक ही रात में तीन बार काउंटिंग करानी पड़ी और परिणाम रविवार सुबह 5 बजे जाकर घोषित हो पाया। गोवाड़ी में मुख्य मुकाबला प्रकाश डेंडोर एवं पूर्व प्रधान ईश्वरलाल सरपोटा के छोटे भाई कमलेश सरपोटा के बीच था। दोनों ही प्रत्याशी मजबूत माने जा रहे थे।
दिन में मतदान समाप्त होने के बाद देर शाम पहले वार्ड पंच और उसके बाद सरपंच पद के लिए मतगणना शुरू हुई। मतगणना में बताया गया कि कमलेश सरपोटा को 1109 मत और प्रकाश डेंडोर को 830 मत मिले हैं। इस आधार पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने कमलेश सरपोटा को विजयी घोषित कर दिया। कमलेश के विजयी घोषित होते ही प्रकाश डेंडोर और उनके समर्थकों ने मतगणना पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि मतों की गिनती में गड़बड़ी हुई है और एक बूथ के मतों को सही से नहीं गिना गया।
प्रकाश डेंडोर की आपत्ति पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने तुरंत रिकाउंटिंग शुरू की। दूसरी बार हुई गिनती में पासा पलट गया और इस बार प्रकाश डेंडोर को विजयी घोषित कर दिया गया। अब बारी थी कमलेश खेमे की। प्रकाश को विजयी घोषित किए जाने पर पूर्व प्रधान ईश्वरलाल सरपोटा और उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया और फिर से मतगणना कराने का दबाव बनाया। माहौल बिगड़ता देख मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर खुद रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी सुबोध सिंह चारण और पुलिस निरीक्षक मनीष खोईवाल गोवाड़ी पहुंचे। दोनों अधिकारियों की देखरेख में पूरी मतगणना फिर से शून्य से शुरू कराई गई। इस बार गिनती में सामने आया कि प्रकाश डेंडोर को 1194 मत और कमलेश सरपोटा को 1106 मत प्राप्त हुए हैं। जिस पर प्रकाश डेंडोर 88 मतों से विजयी हुए। जांच में पाया गया कि पहली और दूसरी गिनती के दौरान एक बूथ के मतों के पूरे बंडल को गिना ही नहीं गया था, जिसके कारण यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। अंत में रिटर्निंग अधिकारी की मौजूदगी में प्रकाश डेंडोर को विधिवत विजयी घोषित किया गया।
इसी तरह घोटाद, जेठाणा एवं वरदा ग्राम पंचायतों में भी प्रत्याशियों की आपत्ति के बाद रिकाउंटिंग कराई गई, हालांकि वहां परिणाम में कोई बदलाव नहीं आया और पहले घोषित प्रत्याशी ही विजयी रहे।