
Dungarpur Crime : डूंगरपुर जिला पुलिस की विशेष टीम और बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर वाहनों में रेडियम पट्टी लगवाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी रसीदें थमाकर वाहन चालकों को डरा-धमका कर रुपए ऐंठ रहे थे। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस के आधिकारिक 'तीसरी आंख' व्हाट्सऐप नंबर पर इस अवैध वसूली की शिकायत मिली थी। सूचना थी कि रतनपुर चौकी के पास कुछ लोग रात के समय हाइवे पर आने-जाने वाले वाहनों को जबरन रुकवाते हैं और रेडियम रिफ्लेक्टर लगवाने के नाम पर जबरन वसूली करते हैं।
शिकायत मिलते ही डूंगरपुर जिले की विशेष टीम हाइवे पर पहुंची। यहां एक निजी वाहन में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को बिठाया गया व वाहन को आगे बढ़ाते हुए संदिग्धों तक भेजा। जैसे ही गाड़ी रतनपुर चौकी के पास पहुंची, वहां सड़क पर मुस्तैद ठगों ने उसे रोक लिया और गाड़ी पर रेडियम पट्टी लगाने की जिद करने लगे। जब पुलिसकर्मियों ने गाड़ी पर पहले से रिफ्लेक्टर लगे होने की बात कहकर पट्टी लगवाने से मना किया, तो आरोपी उल्टे उन्हें डराने-धमकाने लगे।
उन्होंने गाड़ी जब्त करने की धमकी दी और 300 रुपए की फर्जी पर्ची थमाकर नकदी मांगने लगे। जिस पर्ची से वे वसूली कर रहे थे, उस पर 'रोड सेफ्टी रेफ्लेक्टिव इंटरप्राइजेज नेशनल ओबे ट्रैफिक रूल' लिखा हुआ था। जैसे ही ठगों ने पुलिसकर्मियों को धमकाया, वैसे ही सादे कपड़ों में मौजूद टीम ने इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही आस-पास मुस्तैद पुलिस जाब्ते ने चारों तरफ से घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और स्थानीय युवक शामिल हैं। इनमें विजय पुत्र इंद्रलाल सिंह कश्यप (निवासी- भेटा हाजीपुरा, उत्तर प्रदेश), विनोद पुत्र छानुप्रसाद उत्तर प्रदेश, प्रदीप पुत्र करण वर्मा लोणी बॉर्डर, उत्तर प्रदेश, अमित पुत्र लखमीचंद्र सक्सेना नावला, उत्तर प्रदेश, वीरेंद्र पुत्र भगत सिंह कश्यप ज्वारनगर शाहदरा पूर्व, दिल्ली, राजवीर पुत्र सुरेंद्र सिंह दातोली रगल, उत्तर प्रदेश, संजय पुत्र सूरजमल राजपूत भरतपुर, राजस्थान, जयेश पुत्र कान्तिलाल फलेजा रतनपुर, बिछीवाड़ा, डूंगरपुर को गिरफ्तार किया हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी का सामान और अवैध वसूली के पैसे बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से 100, 200 और 300 रुपए मूल्य की सैकड़ों फर्जी रसीदें (कूपन बुक्स), रेडियम पट्टियां, टॉर्च, मोबाइल फोन और हजारों रुपए की नकदी जब्त की गई है। पुलिस अब यह पूछताछ कर रही है कि यह गिरोह पिछले कितने समय से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।