दुर्ग

Leucistic Krait: दुर्ग में मिला अत्यंत दुर्लभ सफेद ‘करैत’, मेलानिन की कमी से बदला जहरीले सांप का रंग

Rare Snake Chhattisgarh: दुर्ग के चरोदा स्थित पंचशील नगर में एक घर से अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी (ल्यूसिस्टिक) करैत सर्प मिला। वन विभाग और सर्प विशेषज्ञों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे राजनांदगांव के जंगल में छोड़ दिया।
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Jul 25, 2026
Leucistic Krait
दुर्ग में दिखा 'व्हाइट करैत' (photo source- Patrika)

Leucistic Krait: चरोदा स्थित पंचशील नगर में एक घर से अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी (ल्यूसिस्टिक) 'करैत' सर्प मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और सर्प विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहरीले सांप का सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य परीक्षण में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद इसे राजनांदगांव वनमंडल के प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।

सर्प विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई अलग प्रजाति नहीं बल्कि आनुवंशिक बदलाव का नतीजा है। शरीर में रंगद्रव्य (मेलानिन) की भारी कमी के कारण उत्पन्न होने वाली इस स्थिति को 'ल्यूसिज्म' कहा जाता है। इसी आनुवंशिक विषमता के कारण सामान्यतः गहरे काले और पीले/सफेद धारियों वाला जहरीला करैत पूरी तरह से दूधिया सफेद दिखाई देने लगता है।

दक्षिण एशिया में बेहद दुर्लभ हैं ऐसे मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि श्वेतवर्णी करैत के मिलने की घटनाएं दक्षिण एशिया में बेहद कम दर्ज की गई हैं। भारत में अब तक महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ हिस्सों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के सीमित इलाकों में ही ऐसा सफेद करैत देखा गया है। छत्तीसगढ़ में इस तरह के दुर्लभ सर्प का मिलना वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बेहद अनोखा मामला है।

रेस्क्यू के बाद राजनांदगांव के जंगलों में किया रिहा

21 जुलाई को पंचशील नगर के एक मकान में सफेद रंग के सांप को देखकर लोगों ने वन विभाग को सूचित किया। दुर्ग वनमंडलाधिकारी दिपेश कपिल के निर्देश पर सर्प मित्र विजय शर्मा और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे पकड़ा। इसके बाद 23 जुलाई को आर.ए. प्रमोद यादव, विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ अविनाश मौर्या की मौजूदगी में इस दुर्लभ विषैले सर्प को राजनांदगांव वनमंडल के आरएफ-549 क्षेत्र स्थित सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ दिया गया।

वन्यजीवों को न पहुंचाएं नुकसान

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में घरों या आसपास किसी भी जहरीले या दुर्लभ वन्यजीव के निकलने पर घबराएं नहीं और न ही उन्हें मारें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञों को सूचना दें, ताकि मानव सुरक्षा के साथ-साथ इन बेजुबान और दुर्लभ जीवों का भी संरक्षण किया जा सके।

Updated on:
25 Jul 2026 09:34 am
Published on:
25 Jul 2026 09:34 am