रविवार से अमरीका ने चीन पर लागू किया 112 अरब डॉलर का आयात शुल्क। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अमरीकी अर्थव्यवस्था को लग सकता है झटका। कुछ कारोबारियों ने इस बोझ को वहन करने का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार का सालाना 112 अरब डॉलर के चीन से आयातित होने वाले सामानों पर 15 फीसदी शुल्क लगाने का निर्णय रविवार से प्रभावी हो गया है। इससे अमरीका में कुछ कपड़े, जूते, खेल सामान और अन्य उपभोक्ता सामान महंगे हो सकते हैं।
इस शुल्क बढ़ोत्तरी के बाद अमरीका में चीन से आयात किए जाने वाला लगभग दो तिहाई उपभोक्ता सामान अब महंगा हो जाएगा। इससे पहले अमरीका ने जब भी चीन से आयात पर शुल्क बढ़ाने की कार्रवाई की तो उपभोक्ता सामान को छोड़ दिया था।
लग सकता है अमरीकी अर्थव्यवस्था को झटका
इस बढ़ोत्तरी के बाद अधिकतर खुदरा सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। ट्रंप सरकार के इस फैसले से अमरीका की अर्थव्यवस्था को झटका लगने का खतरा है क्योंकि उपभोक्ता व्यय यहां की अर्थव्यवस्था का प्रमुख चालक है। इसके अलावा कमजोर वैश्विक वृद्धि की वजह से निर्यात कमजोर है और कारोबारों ने निवेश व्यय को कम कर दिया है।
कुछ करोबार लागत का वहन कर सकते हैं
ट्रंप के ऊंचे शुल्क लगाने पर कई अमरीका कंपनियों ने सरकार को आगाह किया था कि उन्हें यह बढ़ी लागत ग्राहकों से वसूलने पर मजबूर होना पड़ेगा और उन्हें चीन से आयातित सामान महंगा खरीदना पड़ेगा। हालांकि कुछ कारोबारों का कहना है कि वहद कीमतें बढ़ाने के बजाय बढ़ी लागत वहन करने का निर्णय कर सकते हैं।
रविवार की शुल्क बढ़ोत्तरी के बाद से चीन से आयातित कपड़े और परिधानों पर शुल्क 87 प्रतिशत और जूतों पर 52 प्रतिशत हो जाएगा।