सोशल सिक्यॉरिटी कोड में बदलाव कर सकती है केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में सोशल सिक्यॉरिटी कोड हो सकता है संसद में पेश
नई दिल्ली। देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर कोई कर्मचारी एक साल के बाद कंपनी को छोड़ देता है तो भी वो उक्त कंपनी ने ग्रेच्यूटी पाने का हकदार होगा। सरकार ग्रेच्यूटी के लिए किसी एक कंपनी में लगातार पांच साल काम करने के नियम में बदलाव कर सकती है। जानकारों की मानें तो केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में सोशल सेक्योरिटी कोड पेश करने जा रही है। जिसमें कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिसमें ग्रेच्यूटी सीमा से लेकर एम्प्लॉयीज पेंशन स्कीम में सरकार की 1.16 फीसदी हिस्सेदारी बकरार रहने का नियम भी शामिल है।
एक साल होना चाहिए ग्रेच्यूटी की हकदारी
भारतीय मजदूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्याय की मानें तो सरकार के सोशल सिक्यॉरिटी कोड में कई बातें मजदूर के विरोध में जा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि ग्रेच्यूटी के लिए पात्रता को पांच साल से कम करके एक साल करे। आपको बता दें कि 80 फीसदी कर्मचारी ठेके पर काम करते हैं। वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार की ईपीएस में 1.16 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रखे। संगठन सरकार से पुरजोर तरीके से मांग कर रहा है कि वह जल्दबाजी में सामाजिक सुरक्षा कोड को लागू न करे।
80 फीसदी कर्मचारी इंफोर्मल सेक्टर के
संगठन के अनुसार सरकार इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि देश में 90 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी इंफोर्मल सेक्टर के तहत काम करते हैं। 80 फीसदी कर्मचारी ठेके पर काम करते हैं यानी उनकी नौकरी पर्मानेंट नहीं हैं। अगर यह सोशल सिक्यॉरिटी कोड लागू हो गया तो अधिकतर कर्मचारियों के लिए ठीक नहीं होगा।